पॉलीथिन का प्रयोग नही रोक सका प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। जिले में प्रतिबन्धित पॉलीथिन का प्रयोग जिला प्रशासन नही रोक पा रहा है। कोर्ट व शासन के निर्देश के बावजूद जिला प्रशासन प्रतिबन्धित पॉलीथिन का प्रयोग रोक पाने में नाकाम साबित हो रहा है। जिले भर में फल, सब्जी, गल्ला, परचून, खाद, कपड़े, रोजमर्रा की दुकानों पर पॉलीथिन में ही तौल कर सामान बेचा जा रहा है। दुकानों पर जैसा सामान है वैसा पॉलीथिन का प्रयोग हो रहा है। इसमें तमाम दुकानों पर 50 माइक्रॉन से कम पतली पॉलीथिन का प्रयोग किया जा रहा है। पॉलीथिन के प्रयोग से न सिर्फ शहर की सूरत खराब हो रही है बल्कि इससे इंसान व मवेशियों के लिए मौत का सामान बनता जा रहा है। अंधाधुंध पॉलीथिन के प्रयोग से शहर के नाले व नालियां चोक हैं। इससे शहर में लोगों से निकलने वाले नाली का पानी सड़कों पर भरा रहता है। इससे न सिर्फ कीचड़ व गंदगी से बीमारी पनप रही है सड़क खराब हो जा रही हैं। इसके अलावा गंदगी से मच्छर का प्रकोप बढ़ रहा है। इसके अलावा लोग घर का कूड़ा पॉलीथिन में भर कर बाहर फेंक दे रहे हैं जिन्हें खाकर मवेशी असमय मौत के मुंह में जा रहे हैं। इतना ही नही किसानों का कहना है कि यही पॉलीथिन खेत में पहुंच कर मिट्टी में मिल रहा है। इससे खेत की मिट्टी खराब हो रही है। किसान राम कुमार व राकेश का कहना है कि खेत में पॉलीथिन के टुकड़े आ जाने से एक तो खेत में फसलों का जमाव प्रभावित होता है दूसरे खेत की उर्वरा शक्ति को खत्म कर देता है। नगर मजिस्ट्रेट जगदीश सिंह का कहना है कि प्रतिबन्धित पॉलीथिन बेचना मना है नियम तोड़ने वाले पर कार्रवाई होगी।
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पॉलीथिन में वस्तुएं ले जाने के आदी हो चुके लोग
अब तो हर लोग घर गृहस्थी व रोजमर्रा की वस्तुओं को पॉलीथिन में ही ले जाने के आदी हो चुके हैं। लोग भले ही बाजार में खरीदारी करने के लिए निकले हों लेकिन वह घर से थैला लेकर नही जाते हैं। नगर के सिविल लाइन निवासी रमेश कुमार का कहना है कि अब लोगों के पास सिर्फ बाजार के लिए जाने का वक्त नही है लोग इधर उधर दिन भर काम करते है घर लौटते समय बाजार से जरूरत की चीजे ले लेते हैं। ऐसे में उन्हें थैला ले कर जाने में असुविधा होती है। महराजगंज के अशोक कुमार का कहना है कि जब बाजार जाओ तो दुकानदार खुद पॉलीथिन में वस्तुओं को देने लगा है ऐसे में लोग भी थैला ले जाना जरूरी नही समझते। चौक बाजार के शुभम का कहना है कि लोगों के लिए थैला आसान नही घर से घूमते निकले बाजार से सामान लिया चले आये। अब तो थैला ले जाने की आदत कहां हैं। दुकान पर बिना पॉलीथिन के सामान दिये जाने की व्यवस्था होनी चाहिए ।