शादी का रसगुल्ला खाकर 300 बाराती बीमार
गोंडा। सीतापुर से उमरीडीह आई एक बारात के 300 से ज्यादा बाराती रसगुल्ला खाकर बीमार पड़ गए। शादी से पहले ही उल्टी-दस्त को लेकर बारातियोें में एकाएक भगदड़ मच गई।
जिसके बाद रसगुल्ला खाने से बीमार हुए 120 बारातियों को जहां सीएचसी में लाकर एडमिट कराना पड़ा तो वहीं बाकी बारातियोें ने निजी डाक्टरोें के यहां इलाज कराया। जबकि एक व्यक्ति की हालत ज्यादा गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल भेजा गया है।
इससे शादी की रस्म देर में अदा हो पाई। मामले की सूचना मिलने के बाद एसडीएम के साथ सीएमओ ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की। जिसमें पता चला कि फूड प्वाइजनिंग से बारातियोें की यह हालात हुई है।
उमरी गांव के निवासी ब्रज कुमार की पुत्री प्रियंका की शादी सीतापुर के सिधौली कमलापुर गांव में रहने वाले कृष्ण कुमार के पुत्र मुनीजर के साथ तय हुई थी। शुक्रवार को शाम जैसे ही सिधौली कमलापुर से उमरीडीह बारात पहुंची तो सारे घराती, बारातियोें की आवभगत में जुट गए।
नाश्ते में बारातियों को चाट पकौड़े के साथ रसगुल्ला भी परोसा गया। जिसके खाने के कुछ देर बाद ही बारातियोें की एकाएक उल्टी-दस्त होने लगी। यह देख पूरी बारात में अफरातफरी और भगदड़ मच गई।
जिसके बाद आनन-फानन में 108 एंबुलेंस और निजी वाहनों से लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया। जबकि बारातियोें की संख्या ज्यादा होने पर मुख्यालय से भी दो एंबुलेंस मंगवा ली गईं।
जिससे रजई(60), रितिक (9), श्रेया (10), उत्कर्ष (8), राज (10), नितिन (8), शिवानी(13), सागर (6) सनी (14), पम्मी (28), गुड्डू नाउ(50), बलवन्त (32) आदर्श (10), आशीष (23), अर्चना (14) सहित 120 बारातियोें को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलसर लाकर इलाज कराया गया। जबकि 150 से ऊपर बारातियोें ने अपना इलाज निजी डाक्टरों के यहां कराया।
सीएचसी बेलसर के चिकित्सक डॉ. तरुण मौर्या ने बताया कि खाद्य पदार्थ में गड़बड़ी के चलते लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार हुए हैं। जिसमें एक बाराती राजाराम (50) की स्थिति गंभीर है, जिसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
जबकि बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार करके घर वापस भेज दिया गया है। सभी लोगों की स्थिति खतरे से बाहर है। उधर मामले की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम तरबगंज के अवकाश पर होने की वजह से एसडीएम करनैलगंज मायाशंकर यादव के साथ सीएमओ डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव व उनकी टीम मौके पर पहुंची और बीमार लोगों का हालचाल लिया।
एसडीएम माया शंकर यादव ने बताया कि इस फूड प्वाइजनिंग के जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की जांच फूड इंस्पेक्टर से कराई जा रही है। सीएमओ डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है तथा फूड प्वाइजनिंग के शिकार व्यक्तियों की सूची बनाकर उनका उचित उपचार किया जा रहा है।