गोंडा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले अपात्र किसानों से दी गई रकम वसूली जाएगी। इसमें पेंशनर्स, भूमिहीन, संस्थागत भू स्वामी सहित कई श्रेणी के किसान शामिल किए गए हैं। जिले में कुल पांच लाख 70 हजार 623 किसान हैं जिसमें करीब 60 हजार किसान अपात्र हैं। लेकिन किसान सम्मान निधि का लाभ लेने वाले अपात्र किसानों की संख्या करीब 12 सौ है। इसमें 626 किसानों का चिह्नांकन हो चुका है और अब इनसे दी गई रकम को भू राजस्व की तरह वसूल किया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के संबंध में भारत सरकार ने गाइड लाइन जारी की है। इसमें भूमिहीन, संस्थागत भूस्वामी, ऐसे परिवार जिनका कोई सदस्य वर्तमान, भूतपूर्व संवैधानिक पदधारक है, पूर्व अथवा वर्तमान मंत्री, राज्य मंत्री, लोक सभा एवं राज्य सभा सदस्य, विधान सभा एवं विधान परिषद सदस्य, नगर निगमों के पूर्व एवं वर्तमान नगर प्रमुख, जिला पंचायतों के पूर्व अथवा वर्तमान अध्यक्ष, केंद्र सरकार, राज्य सरकार एवं सरकार के अधीन स्वायत्तशासी संस्थाओं में सेवारत अथवा सेवा निवृत्त अधिकारी एवं कर्मचारी (चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर) ऐसे सेवानिवृत्त कर्मी जिनकी मासिक पेंशन 10 हजार से अधिक है। ऐसे व्यक्ति जिन्होंने विगत वित्तीय वर्ष में आयकर अदा किया हो, रजिस्टर्ड डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड एकाउंटेंट, आर्किटेक्ट आदि व्यक्ति योजना के लाभ के लिए अपात्र घोषित हैं। साथ ही योजना में पात्रता के लिए ऐसे परिवार जिसमें पति-पत्नी तथा दो नाबालिग बच्चे हों, को एक यूनिट माना गया है। अत: यदि ऐसे परिवारों में त्रुटिवश एक से अधिक व्यक्तियों को योजना का लाभ मिल रहा हो तो अब तक प्राप्त हो चुकी धनराशि को नियमानुसार वापस किया जाना अनिवार्य है।
किसान सम्मान निधि पाने वाले किसान
-कुल किसान 5,70623
-किसान सम्मान निधि पाने वाले किसान 4,48889
-कुल अपात्र किसानों की संख्या-59339
-अनुमानित किसान जिन्हें मिला निधि का लाभ 1200
-चिह्नित किसान जिनसे होगी वसूली-626
-404 मृतक किसान, 97 भूमि हीन, 52 नौकरी पेशा वाले, 16 पेंशनर्स, 67 डबल (दंपत्ति)
अपात्र किसान यहां जमा करें पैसा
ऑनलाइन जमा करने की विधि के बारे जानकारी देते हुए सीडीओ ने बताया कि लाभार्थी को सर्वप्रथम भारत सरकार की वेबसाइट bharatkosh.gov.in लॉगऑन करना होगा। इसके बाद ‘नान रजिस्टर्ड यूजर’ पर क्लिक करें। फिर दिए गए फॉर्म को भरें ‘डिपॉजिटर कैटेगरी इंडीविजुअल पर्पज’ दायीं तरफ दिए गए सर्च बटन को क्लिक करने पर ‘मिनिस्ट्री एंड एग्रीकल्चर सेलेक्ट’ करें। पर्पज एंड रिफंड चह किसान सम्मान निधि भरें। विकल्प में कुल किश्तों की पूर्ण धनराशि जोड़कर डालें। तत्पश्चात अपना नाम एवं पूर्ण पता डालें एवं आगे एड पर क्लिक करके आगे बढें एवं निर्देशानुसार फाइनल पेमेंट करें। उन्होंने बताया कि इस विधि से कोई भी अपात्र कृषक अपनी धनराशि स्वयं जमा कर सकता है अथवा कृषि विभाग में न्याय पंचायत स्तर पर कार्यरत एटीएम, बीटीएम, प्राविधि सहायक वर्ग-3 अथवा बीज गोदाम प्रभारी की सहायता ले सकते हैं। अपात्र कृषकों द्वारा त्रुटिवश प्राप्त की गई राशि वापस न करने की स्थिति में भू-राजस्व नियमों के अनुसार वसूली की जाएगी।