गोंडा। उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों का संचालन चालकों की अनुपस्थिति के चलते प्रभावित हो रही है। बताया जा रहा है कि कोरोना के खौफ से ड्यूटी करने में अधिकांश रोडवेज चालक कतरा रहे हैं जिसके चलते कई रोडवेज बसें अभी भी खड़ी हैं। मौजूदा समय में परिवहन निगम की बसें 60 प्रतिशत आय पर संचालित हो रही हैं। जिससे निगम को आय का चूना का तो लग ही रहा है कई बसें भी कार्यशाला में ही खड़ी हैं।
बता दें कि तीन महीने पहले ही रोडवेज की 23 बसों की परमिट इसी के चलते सरेंडर कर दिया गया था। जिसे अभी तक नहीं उठाया गया है। सभी बसें अभी तक रोडवेज की वर्कशाप में खड़ी हैं। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक वीरेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि कई चालकों का ट्रांसफर हो जाने के चलते परिवहन निगम पहले से कर्मचारी की कमी से जूझ रहा था। उस पर कोरोना के डर से कई चालक ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं।
आय पर भी पड़ा है विपरीत असर
परिवहन निगम की बसों का संचालन कोरोना काल से ही प्रभावित चल रहा है। जुलाई तक घाटे में चल रहा परिवहन निगम की आय अब पहले से बेहतर हुई है लेकिन अभी 60 प्रतिशत आय पर ही विभाग को बसों का संचालन करना पड़ा रहा है। वहीं चालकों और परिचालकों को भी मानदेय देने में निगम को परेशानी हो रही है।
फैक्ट फाइल
कुल रोडवेज बसें - 94
परमिट सरेंडर बसें - 23
कुल संचालित बसें - 71
कुल चालक - 157
कोरोना काल से ही बसों के संचालन में परेशानी हो रही है। कुछ लोग हैं जो इस दौराना डर रहे हैं और ड्यूटी से कतरा रहे हैं। वहीं कई चालक निकाल दिये गये हैं जिससे संख्या बल और कम हो गया है। अधिकांश चालक और परिचालक संविदा पर हैं, इसलिए बसों के संचालन के हिसाब से ही पैसा मिलता है। -वीरेन्द्र कुमार वर्मा, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक