गोंडा। जिले में रसोई गैस की किल्लत के बीच गैस सिलिंडरों के वितरण में बड़े स्तर पर अनियमितता सामने आई है। डीएम प्रियंका निरंजन के आदेश पर पूर्ति विभाग की जांच में मंगलम गैस एजेंसी के गोदाम से 1193 घरेलू सिलिंडर रिकॉर्ड से गायब मिले। एजेंसी संचालक के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम में कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी शिव प्रकाश ने बताया कि बीते कई दिनों से उपभोक्ताओं की शिकायतें मिल रही थीं कि एजेंसी पर सिलिंडर उपलब्ध होने के बावजूद लोगों को समय से गैस नहीं दी जा रही है। कई उपभोक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया था कि बुकिंग के बाद भी सिलिंडर के लिए कई-कई दिन इंतजार करना पड़ रहा है।
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए बृहस्पतिवार शाम पूर्ति विभाग की टीम ने मंगलम गैस एजेंसी के गोदाम पर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण टीम में शामिल अधिकारियों ने गोदाम में रखे सिलिंडरों का भौतिक सत्यापन कर स्टॉक पंजिका से मिलान किया। जांच के दौरान रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्ध सिलिंडरों में भारी अंतर मिला।
जांच में 1143 घरेलू गैस सिलिंडर कम पाए गए। इसके अलावा 50 कॉमर्शियल छोटे सिलिंडर भी रिकॉर्ड से गायब मिले। 475 घरेलू खाली सिलिंडर और 38 छोटे खाली सिलिंडर अधिक पाए गए। इसके साथ ही 114 बड़े कॉमर्शियल खाली सिलिंडर कम मिले। अधिकारियों को वितरण रजिस्टर, स्टॉक मेंटेनेंस और उपभोक्ता आपूर्ति व्यवस्था में भी कई अनियमितताएं मिलीं।
क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान एजेंसी संचालक संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। पूरे मामले की रिपोर्ट डीएम को भेजी गई।
जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद पटेलनगर पूर्वी निवासी एवं एजेंसी संचालक देवेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कोतवाली नगर में तहरीर दी गई। कोतवाल नगर विंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है।