गैस सिलिंडर के लिए नहीं लगानी होगी लाइन
गोंडा। जिले के घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। एलपीजी घरेलू गैस का उपभोग करने वाले उपभोक्ताओं को जल्द ही सिलेंडर ढोने की झंझट से छुटकारा मिलने जा रहा है।
अब इन उपभोक्ताओं के रसोई घरों में सीधे पाइप लाइन के जरिए नेचुरल गैस की आपूर्ति की जाएगी। भारत सरकार के केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय की गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी ने टोरेंट गैस कंपनी को शहरी उपभोक्ताओं को रसोई घरों तक गैस पहुंचाने की जिम्मेदारी दी है।
बुधवार को जिले के सांसद कीर्तिवर्धन सिंह ने सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने कंपनी के अधिकारियों की मौजूदगी में इस नेचुरल गैस वितरण परियोजना का शुभारंभ किया।
जिले भर में घरेलू गैस का प्रयोग करने वाले करीब पांच लाख उपभोक्ता हैं। इसमें से करीब दस हजार परिवार शहरी उपभोक्ता हैं। इन सभी उपभोक्ताओं को सिंलेडर के जरिए गैस की आपूर्ति की जाती है।
इसमें गैस सिलेंडर ढोने का झंझट तो होता ही है घर में उपयोग के दौरान एलपीजी गैस के लीक होने का भी खतरा रहता है। गैस लीक होने से अक्सर बड़ी दुर्घटना होने की संभावना भी रहती है।
इन शहरी गैस उपभोक्ताओं को सिंलेडर व दुर्घटना की समस्या से निजात दिलाने के लिए भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय के गैस रेगुलेटरी अथारिटी ने शहर के भीतर पाइप लाइन के जरिए एलपीजी गैस के बजाय नेचुरल गैस आपूर्ति करने का प्लान तैयार किया है।
इसके लिए अहमदाबाद की गैस सप्लाई करने वाली कंपनी टोरेंट गैस को पाइप लाइन बिछाने का काम सौंपा गया है। बुधवार को कंपनी के अफसरों की मौजूदगी में जिले के सांसद कीर्तिवर्धन सिंह व सदर विधायक प्रतीक भूषण सिंह ने एक निजी होटल में आयोजित समारोह में इस नेचुरल गैस वितरण परियोजना का शुभारंभ किया।
सांसद ने कहा कि अब तक बड़े शहरों में ही पाइप लाइन के जरिए गैस की सप्लाई की जाती थी। लेकिन केंद्र की सरकार ने इस तरह के छोटे शहरों मे इस योजना को पहुंचाकर एक ऐतिहासिक काम किया है।
कंपनी के प्रोजेक्ट इंचार्ज नरेंद्र कुमार ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि अब तक सिर्फ मेट्रो शहरों में ही पाइप लाइन के जरिए गैस की सप्लाई की जाती है।
लेकिन अब केंद्र सरकार ने इसे देश के प्रत्येक शहरों में लागू करने का फैसला किया है। इस योजना की तहत पहले फेज में कंपनी को गोंडा व बाराबंकी जिले का काम सौंपा गया है।
उन्होंने बताया कि जिले में पाइप लाइन बिछाने का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा। करीब छह माह के भीतर शहरी उपभोक्ताओं को पाइप लाइन के माध्यम से नेचुरल गैस की आपूर्ति मिलने लगेगी।