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ग्राम प्रधान व लेखपाल के बेटे ने बेच दी तीन करोड़ में सरकारी जमीन

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फर्जीवाड़ा कर बेच दी तीन करोड़ की सरकारी जमीन
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गोंडा। दुर्जनपुरघाट-नवाबगंज मार्ग के पीएचसी के बगल सड़क के किनारे खंती की जमीन ग्राम प्रधान और लेखपाल ने मिलकर स्थानांतरण कर दिया। इसके बाद नाम स्थानांतरण किया गया। उसे प्रधान ने अपने नाम और लेखपाल ने अपने बेटे के नाम जमीन का बैनामा कराकर उसे तीन करोड़ रुपए में बेच दी।

ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम ने मुख्य राजस्व अधिकारी को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्य राजस्व अधिकारी ने बुधवार को जब जांच शुरू की तो पता चला कि तहसील कर्मियों ने फाइल ही गायब कर दी। मुख्य राजस्व अधिकारी की सख्ती के बाद अब तहसील प्रशासन में हड़कंप मचा है।
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दुर्जनपुरघाट-नवाबगंज मार्ग पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बगल सड़क किनारे खंती की डेढ़ बीघा जमीन को 04 मार्च 2004 को ग्राम प्रधान महेश सिंह और तत्कालीन लेखपाल कुद्दूस अहमद ने सीताराम तिवारी निवासी पिपरी के नाम धारा 161 के तहत जमीन का प्रस्ताव पारित कर उप जिला अधिकारी न्यायालय से उसे तालाब के पास स्थानांतरित करा लिया।

जबकि यह जमीन केवल सड़क, रेलवे भवन और ऐसी दूसरी सरकारी इमारतों के लिए ही प्रयोग की जा सकती है। जमीन ट्रांसफर के बाद तत्काल उक्त जमीन को प्रधान महेश सिंह ने अपने नाम तथा लेखपाल कुद्दूस अहमद ने अपने बेटे महमूद अहमद के नाम बैनामा करा लिया।

बैनामा कराने के बाद प्रधान महेश सिंह ने उस जमीन को 16 अप्रैल 2013 को केशवराम मौर्य निवासी परसिया, बालक राम और तिलकराम निवासी भोपतपुर के नाम बैनामा कर दिया।

एक जुलाई को सेवानिवृत्त हो चुके लेखपाल कुद्दूस अहमद के बेटे मोहम्मद अहमद ने दुर्जनपुरघाट के कोटेदार प्रकाश चंद्र सिंह की पत्नी रीता सिंह और उनके भाई दिवाकर सिंह की पत्नी गीता सिंह तथा राम अवतार निवासी पिपरी के नाम बैनामा कर दिया।

ग्रामीणों की शिकायत के बाद जिलाधिकारी कैप्टन प्रभांशु कुमार श्रीवास्तव ने मुख्य राजस्व अधिकारी विनय प्रकाश श्रीवास्तव को मामले का जांच अधिकारी नियुक्त किया है, जब जांच अधिकारी ने फाइल तहसील से मांगी तो फाइल गायब थी। जिससे एसडीएम न्यायालय पर हड़कंप मच गया।

ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल तीन करोड़ रुपये के जमीन घोटाले में प्रधान, लेखपाल और कोटेदार की तिकड़ी ने सरकार को तगड़ा चूना लगा दिया।

-पिपरी में सड़क किनारे सड़क खंती जमीन का सरकारी बिल्डिंग बनाने के लिए उपयोग हो सकता था, किन परिस्थितियों में ट्रांसफर किया गया। फाइल मिलने के बाद ही पता चलेगा। लेखपाल कुद्दूस सेवानिवृत्त हो चुका हैं।

महेश सिंह पुन: प्रधान है। काफी प्रयासों के बाद भी दुर्जनपुर घाट में अग्निशमन केंद्र की जमीन का प्रस्ताव नहीं कर रहा है। शीघ्र ही मौके की जांच होगी। फाइल की तलाश की जा रही है
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-सौरभ भट्ट एसडीएम तरबगंज

-तरबगंज तहसील में जमीन घोटाले का बड़ा मामला प्रकाश में आया है ग्राम प्रधान और लेखपाल की संलिप्तता से सड़क किनारे की जमीन स्थानांतरित की गई है मैंने फाइल तलब की है जो नहीं मिल रही है। जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-विनय प्रकाश श्रीवास्तव, मुख्य राजस्व अधिकारी
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