गोंडा। जिले के कई इलाकों में सोमवार को टिड्डी दल का आतंक बना रहा। कई जगहों पर किसानों की फसल को इन टिड्डी दलों ने खासा नुकसान पहुंचाया। ऐसे में गांवों में दस किमी. लंबे टिड्डी दलों को भगाने के लिए लोग ढोल-नगाड़े, थाली और अन्य बर्तन बजाते दिखाई पड़े। कुछ जगहों पर तो किसानों ने अपने खेतों से टिड्डी दलों को भगाने के लिए कीटनाशक का भी उपयोग किया। बता दें कि रविवार शाम को ही जिले में करनैलगंज के रास्ते टिड्डी दल की दस्तक हुई थी। लेकिन सोमवार की सुबह से ही कई किलोमीटर लंबा टिड्डी विचरण करता रहा। वहीं शहर से कुछ हिस्सों और आसपास के इलाकों में टिड्डी दल का आतंका रहा। शहर के पीपल चौराहा, महाराजगंज के साथ ही हारीपुर, मोकलपुर, बेहड़ा चौबे, कपूरपुर, लक्ष्मनपुर जाट, मथुरा चौबे, गोड़वा घाट, बेलभरिया और कई अन्य गांवों में टिड्डों दलों ने जमकर फसलों को नुकसान पहुंचाया।
टिड्डी दल ने किसानों की फसल चट कर डाली
बालपुर (गोंडा ) विकास खंड हलधरमऊ के आसपास गांव में सुबह करीब 9 बजे 10 किलोमीटर लंबा टिड्डीयों का दल पहुंचने से किसानों ने हड़कंप मच गया। किसान अपने परिवार के साथ थाली, ढोल, नगाड़ा, आदि लेकर पहुंच गये। काफी मेहनत के बाद भी टिड्डीयो अपने फसल को बचाने में नाकाम रहे।ये टिड्डी दल लखनऊ मार्ग से होते हुए पतिसा, भटनैया, सोनहरा, नकहा, रेरूवा हरसिंहपुर, बालपुर समेत लगभग 100 गांव मे आतंक माचते हुए पश्चिमोत्तार दिशा में किसानों की फसलों का सर्वनाश करते हुए चली गईं। ये टिड्डी दल लगभग 10 किलोमीटर में करोड़ों की संख्या में एक साथ हमला किया। जिससे किसानों की फसले मक्का, धान, उड़द, भिंड़ी, लौकी आदि फसलों को चट कर गई।
किसानों ने ट्रैक्टर दौड़ाकर टिड्डी को भगाया
मनकापुर (गोंडा)। तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में टिड्डी दल ने हमला बोल दिया।जिसमे देखते ही देखते टिड्डियों ने किसानों की फसलों को चट कर गए। कई किसानों ने ट्रैक्टर दौड़ा कर, थाली, टीना, शंख, घंटी, ताली बजा कर अपनी फसल को बचाने में जुटे रहे। सोमवार को मनकापुर क्षेत्र के झिलाही, पंडितपुर, बैरीपुर, बाक्सरा आज्ञाराम, अम्बरपुर, भिटौरा, बन्दरहा, अशरफ पुर, कोल्हार गांव, तामापार, ऐलन पुर आदि गांव में टिड्डी दलों ने एक साथ हमला कर धान, गन्ना, सब्जी आदि फसलों को चट कर दिया।
पूरी रात सरकारी अफसर रहे हलकान
करनैलगंज (गोंडा)। रविवार की शाम करनैलगंज पहुंचा टिड्डी दल सोमवार सुबह गांव से निकलकर करनैलगंज नगर तक पहुंचा और नगर के आस पास के गांव में जबरदस्त तबाही मचाते हुए आगे बढ़ गया। पूरी रात कृषि विभाग, कृषि रक्षा, गन्ना विभाग के साथ मुख्य विकास अधिकारी रात में टिड्डियों के प्रवास स्थल पर उन्हें मारने की जुगत करते रहे। फायर ब्रिगेड की करीब आधा दर्जन गाड़ियों को बुलाकर टिड्डियों को कीटनाशक का छिड़काव करके मारने का प्रयास किया गया। रात में मुख्य विकास अधिकारी शशांक त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक कृषि डॉ. पीके गुप्ता, कृषि उपनिदेशक डॉ मुकुल तिवारी, जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव, नायब तहसीलदार करनैलगंज एवं प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ पुलिस बल को मारने के लिए पूरी रात ग्राम भभु, अहिरौरा, पचमढ़ी, तरहटा, कोंनहटा, मसौलिया, ताले पुरवा, बरगदी के पास जमा रहा। सोमवार सुबह भी कृषि विभाग के अधिकारी लगातार क्षेत्र में भ्रमण करते रहे और टिड्डियों के दल के साथ वह चलकर ग्रामीणों को बचाव के लिए जागरूक करते रहे।