गोंडा। अब कोरोना का अटैक सरकारी कार्यालयों में तेजी से हो रहा है। सोमवार को पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता की रिपोर्ट भी कोरोना पॉजिटिव आई है। उनके पॉजिटिव पाये जाने की सूचना डीएम को भेजी गई है। बताया जा रहा है कि अब कार्यालय में कोविड-19 के प्रोटोकाल के तहत कार्रवाई के लिए डीएम को सूचना दी गई है। साहब के कोरोना पॉजिटिव पाये जाने के बाद कर्मचारियों की भी धड़कनें बढ़ गई हैं। ऐसे में कई और के चपेट में आने की आशंका है। वहीं रविवार को देर रात आई कोरोना की रिपोर्ट में शहर के एक नामी पेट्रोल पंप कर्मी समेत दो लोग कोरोना पॉजिटिव पाये गये। बताया जा रहा है कि पेट्रोल पंप कर्मी शहर के रानीपुरवा का निवासी है और करनैलगंज के गांधीनगर बाजार में कोरोना से मृतक व्यापारी के संपर्क में आये एक और लोग कोरोना संक्रमित पाये गये हैं।
बताया जा रहा है कि लोक निर्माण विभाग के गोंडा वृत्त में तैनात अधीक्षण अभियंता संजय कुमार सिन्हा की तबीयत पिछले दो तीन दिनों से खराब रहती थी। तो वो शुक्रवार को कार्यालय का काम निपटाने के बाद लखनऊ चले गये। यहां शनिवार को उन्होंने कोरोना की जांच के लिए सैंपलिंग कराई। जिसकी कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें लखनऊ में कोविड अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। इसकी सूचना विभाग की ओर से डीएम कार्यालय को भेजी गई है।
कार्यालय के लोगों की मानें तो इनके संपर्क में विभाग के लगभग तीन दर्जन से अधिक कर्मचारी रहते थे। बता दें कि इनका कार्यालय मुख्य अभियंता कार्यालय परिसर में ही अधीक्षण अभियंता भी बैठते हैं। ऐसे में अधीक्षण अभियंता कार्यालय और मुख्य अभियंता कार्यालय के साथ ही लगभग एक दर्जन और कर्मचारी यहां के संपर्क में रहते थे। मौजूदा समय में मुख्य अभियंता का भी चार्ज संजय कुमार सिन्हा के पास ही था। उन्होंने खुद इस संबंध में पत्र जारी डीएम को कोविड प्रोटोकाल के तहत कार्रवाई के लिए भेजा है।
जिला अस्पताल में डॉक्टर को भी दिखाया था
बताया जा रहा है कि लखनऊ जाने के एक दिन पहले वो जिला अस्पताल में एक डॉक्टर को भी दिखाने गये थे। ऐसे में अब अचानक उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव पाये जाने के बाद डॉक्टर के भी चपेट में आने की आशंका बढ़ गई है। लोगों की मानें तो वो बराबर लखनऊ आते-जाते थे। इसी बीच कही वो संक्रमित हो गये।
जो लोग जागरूक माने जाते हैं वहीं लोग अधिक लापरवाही कर रहे हैं। सरकारी दफ्तरों में कोविड-19 का संक्रमण फैलने की सबसे बड़ी वजह आम लोगों का आवागमन माना जा रहा है। ऐसे में सभी सरकारी दफ्तरों में कोविड-19 प्रोटोकाल कार्यालय का संचालन किया जाना चाहिए। लोक निर्माण विभाग में एक अधिकारी के कोरोना संक्रमित पाये जाने की सूचना मिली है। -डॉ. मधु गैरोला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी