राजस्थान के कोटा की एक युवती अपनी समलैंगिक सहेली से मिलने के लिए मैनपुरी पहुंच गई। बंदिशों से बेपरवाह दोनों युवतियां ईशन नदी पुल पर मिलीं और बाद में एक रेस्टोरेंट में पहुंच गई।
कहीं से भनक लगने पर मैनपुरी निवासी युवती शीला (परिवर्तित नाम) के परिवारीजन वहां पहुंच गए। उन्होंने कोटा निवासी युवती प्रिया (परिवर्तित नाम) को पुलिस को सौंप दिया।
प्रिया के पिता कोटा में एक कंपनी में इंजीनियर हैं और वह खुद भी एक रेस्टोरेंट में नौकरी करती है। महिला थाने पर उसने पुलिस और मीडिया को बताया कि शीला तीन साल पहले कोटा में उसके पड़ोस में एक रिश्तेदारी में आई थी।
वहां पर दोनों के बीच दोस्ती हुई और दोस्ती समलैंगिक संबंधों में बदल गई। दोनों के परिजनों को जब इसकी जानकारी हुई तो दोनों के मिलने पर पाबंदी लगा दी।
एक साल पहले दोनों घर से भाग गईं और तीन माह तक दिल्ली में एक साथ रहीं। बाद में प्रिया ने परिजनों के दबाव पर शीला को दिल्ली में एक रिश्तेदार के यहां छोड़ दिया। वहां से उसे परिजन मैनपुरी ले आए थे।
उसने बेबाकी से बताया कि उसके दो अन्य लड़कियों के साथ भी समलैंगिक संबंध रहे हैं।
शीला के परिजनों ने प्रिया और उसके साथ आए उसकी बहन के देवर को पुलिस को सौंप दिया। फिर उन्होंने शीला को घर भिजवा दिया।
महिला थानाध्यक्ष का कहना है कि कोटा से प्रिया के पिता को बुलाया गया है। वह फिलहाल थाने में है। उसके परिजनों के आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।