मुहम्मदाबाद/खानपुर। मुहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के सुरतापुर गांव के पास बुधवार की रात अज्ञात स्कार्पियों की टक्कर से एक युवक की मौत हो गई। खानपुर थाना क्षेत्र के करमपुर गांव में स्थित ईंट भट्ठे के पास से देर शाम डंफर की टक्कर से साइकिल सवार अधेड़ की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस ने शवों को कब्जे में ले लिया। इस मामले में मृतक के परिजनों ने थाने में तहरीर दी है।
जमानिया कोतवाली क्षेत्र के खावपुर गांव निवासी भोली यादव का पुत्र अखिलेश यादव (35) बुधवार की देर शाम गांव निवासी बबलू के पुत्री की तिलक में आटो से मुहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के सुरतापुर (चंदनी) के कुछ लोगों के साथ आटो से निकला। रात करीब आठ बजे चंदनी मोड़ पर अखिलेश और बबलू का रिश्तेदार मऊ के रैनी गांव निवासी रामकृत प्रजापति आटो से उतरकर कुछ लोगों से गांव का पता पूछ रहे थे। इसी दौरान भरौली की तरफ जा रही तेज रफ्तार स्कार्पियो टक्कर मारते हुए फरार हो गई। दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य मुहम्मदाबाद लाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। यहां पर गंभीर हालत को देखते चिकित्सकों अखिलेश को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। जाते समय चौबेपुर में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए दिया। मृतक के पिता ने अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई। उधर खानपुर थाना क्षेत्र के करमपुर गांव निवासी रामकिशुन राजभर (50) बुधवार की देर शाम करीब सात बजे साइकिल से खानपुर बाजार जा रहा था। गांव के ईंट भट्ठा के पास मेहनाजपुर की तरफ जा रहे तेज रफ्तार डंफर ने टक्कर मार दिया, जिससे साइकिल सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। दुर्घटना के पास मौके पर लोगों की भीड़ लग गई। घायल के परिवार वालों को सूचना देने के बाद लोग उसे सैदपुर चिकित्सालय में ले गए। परिवार के लोग वहां पहुंच गए। उपचार के दौरान रामकिशुन की मौत हो गई। थाना प्रभारी सुनील सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक के भाई राजनाथ की तहरीर पर अज्ञात चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर लिया गया है। मौके से डंफर को कब्जे में ले लिया गया है।
जमानिया। कोतवाली क्षेत्र के खावपुर गांव निवासी अखिलेश यादव की मौत की खबर आते ही घर में मातम छा गया। परिवार के लोग चीख-पुकार करने लगे। लोगों के रोने की आवाज सुनकर पास-पड़ोस के लोग भी मौके पर पहुंच गए। पत्नी प्रमिला पूरी तरह से बदहवास हो गई थी। लोग उसे जितना ढांढस बंधा रहे थे, उसकी आंखों से उतना ही आंसू बह रहे थे। वह बार बिलखते हुए यह विलाप कर रही थी कि पति की मौत के बाद अब वह अपने बच्चों का पालन-पोषण किसके सहारे करेगी। मां को बिलखता देख बच्चे नेहा (12) और निधि (10) भी मां के सीने से लगकर आंखों से नीर बहाने लग रही थी। यह दृश्य देख सांत्वना देने वालों की आंखें भी छलक जा रही थी।