पर्व की तैयारी को लेकर बाजारों में रही भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
गाजीपुर। संतान की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर बुधवार को जिवित्पुत्रिका पर महिलाएं निर्जल व्रत रखेंगी। इस अवसर पर वह सोने या चांदी की बनी जिउतिया की पूजा के बाद उसे धारण करेंगी। व्रत की पूर्व संध्या पर लौकी-भात और हरी सब्जी में सत्पुतिया खाया जाता है। व्रती महिलाएं दिन भर पूजा-पाठ कर शाम को कथा का श्रवण करेंगी।
इस पर्व के मद्देनजर शहर और ग्रामीण इलाकों के बाजारों में सुबह से शाम तक खरीदारी के चलते चहल-पहल रही। शहर के मिश्रबाजार, महुआबाग, लंका, स्टेशन रोड, स्टीमरघाट, चीतनाथ, लालदरवाजा, नवाबगंज, गोराबाजार, रौजा आदि मुहल्लों में लगी दुकानों पर महिलाओं ने धूप-दीप, रोरी, अगरबत्ती आदि पूजन सामग्री के साथ ही फल-फूल की खरीदारी की।
शहर के मिश्रबाजार के विक्रेता अशोक गोस्वामी ने बताया कि तैयार जिउतिया की 20 से 25 रुपये प्रति पीस बिका। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों मुहम्मदाबाद, जमानिया, औड़िहार, भीमापार, सादात, करीमुद्दीनपुर, भांवरकोल, देवकली, नंदगंज, मरदह, करंडा आदि क्षेत्र की बाजारों में भी महिलाओं ने शाम तक खरीदारी की। पर्व की जानकारी देते हुए शेरपुर कला के पंडित मुनीन्द्रनाथ उपाध्याय ने बताया कि इस पर्व में महालक्ष्मी की पूजा की जाती है। पुत्रवती महिलाएं राजा जिमूतवाहन की कथा का श्रवण करती हैं। प्रतीक के रूप में सोने या चांदी की जिउतिया बनवाकर गले में धारण करती हैं। जिस महिला के जितने पुत्र होते हैं, वह उतनी जिउतिया की माला धारण करती हैं। इस पर्व को करने से पुत्र दीर्घायु, समृद्ध, बुद्धिमान और शक्तिशाली होता है।
बढ़ गए फलों के भाव
गाजीपुर। जिवित्पुत्रिका त्योहार के मद्देनजर सबसे अधिक तेजी सत्पुतिया के भाव में रही। 20 रुपये किलो तक बिकने वाली यह सब्जी मंगलवार की शाम 80 से 90 रुपये किलो तक बिकी। इसी तरह केला 60 रुपये प्रति दर्जन, अमरूद 100, सेब 100 रुपये में सवा किलो, संतरा 120, नाशपाती 140, अनार 180 और पपीता 50 रुपये प्रति किग्रा की दर से बिका।