बिहार बाॅर्डर से सटे भतौरा और हरिकरनापुर गांव में शराब की दुकान खुलने से नाराज महिलाएं सोमवार की सुबह लाठी-डंडे से लैस होकर सड़क पर उतर गईं। सुबह आठ बजे भतौरा-दलपतपुर-हरिकरनापुर मार्ग को बांस-बल्ली लगाकर जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी दुकानें बंद करने की मांग कर रहे थे।
दोपहर करीब 1:30 बजे सेवराई के नायब तहसीलदार पंकज कुमार पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया। लोगों का आक्रोश देख दोनों गांवों में अंग्रेजी और देसी शराब की दुकानों के शटर गिरा दिए गए।
भतौरा और हरिकरनापुर गांव स्थित कर्मनाशा नदी के उस पार बिहार की सीमा शुरू हो जाती है। गुस्साई महिलाओं ने कहा कि भतौरा गांव से हरिकरनपुर होते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-124 सी बारा को जोड़ने वाली बिहार सीमा से चंद कदमों की दूरी पर देसी और अंग्रेजी शराब की दुकानें हैं।
गत रविवार को प्रदर्शन कर दुकान बंद करने का अल्टीमेटम दिया गया था। पुलिस ने आश्वासन दिया था कि शराब की दुकान इस स्थान पर नहीं चलेगी। इसके बावजूद दुकानें कैसे खुल गईं। किसी दशा में शराब की दुकानें नहीं चलने दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि गत वर्ष 19 अक्तूबर 2023 की रात करीब 10:30 बजे शराब दुकान के सेल्समैन की दुकान में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
साथ ही 72 हजार रुपये की लूट हुई थी। भतौरा कर्मनाशा नदी घाट से पहुंचे बिहार के तीन लुटेरों ने घटना को अंजाम दिया था। आरोप लगाया कि बिहार सीमा के कर्मनाशा नदी तट पर शराब की दुकान होने से शराब की जमकर तस्करी होती है।
गर्मी के अप्रैल, मई और जून माह में नदी सूख जाती है, जिससे शराब तस्कर पैदल ही नदी पार कर आराम से बिहार में प्रवेश कर जाते हैं। महिलाओं और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बारा चौकी के पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से यहां बिहार के तस्करों का जमावड़ा लगता है।
ये तस्कर सीमावर्ती गांवों में अपराध को बढ़ावा देते हैं। जाम की सूचना पर पहुंचे सेवराई के नायब तहसीलदार पंकज कुमार ने महिलाओं को आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया।
नायब तहसीलदार ने बताया कि महिलाओं की ओर से मिले पत्र को उच्चाधिकारियों के पास भेज दिया गया है। फिलहाल दोनों दुकानें बंद हैं।