दीवानी कचहरी में चीन के सामान के बहिष्कार का पोस्टर लेकर विरोध प्रदर्शन करते अधिवक्ता।
चीन की तरफ से ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी का पानी भारत आने से रोकने को लेकर लोगों में विरोध का स्वर तेज होने लगा है। चीन की इस हरकत से हर वर्ग दुखी और आक्रोशित है। लोगों का कहना है कि हम लोग चीन निर्मित सामानों की बड़े पैमाने पर खरीद कर जहां उसकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रहे हैं, वहीं चीन भारत पर आतंकी हमला करने वाले पाकिस्तान से दोस्ती निभा रहा है।
हम इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और चीन को जवाब देने के लिए उसके सामानों की खरादारी बंद करेंगे। कई दूकानदारों ने भी कहा कि भले ही हमें नुकसान उठाना पड़े, लेकिन हम चीनी सामानों की बिक्री नहीं करेंगे।अधिवक्ता सुदामा सिंह का कहना है कि चीन पहले से ही धोखेबाज है। भाई-भाई का नारा लगाकर भारत की भूमि पर कब्जा करता रहा है। वह पाकिस्तान का साथ दे रहा है, इसलिए मैंने सोच लिया है कि वहां निर्मित सामानों को नहीं खरीदूंगा।
अधिवक्ता चंद्रबली राय ने कहा कि भारत को पाकिस्तान में जाने वाली झेलम नदी पानी रोक देना चाहिए। मैं चीन के रवैए से दुखी हूं, इसलिए चीनी सामानों की खरीद नहीं करूंगा।अधिवक्ता ओमप्रकाश पांडेय ने कहा कि चीन ने पाकिस्तान का साथ देकर गलत कार्य किया गया। इसलिए मैं उसके सामानों खरीद न करने की शपथ लेते हुए अन्य लोगों से भी ऐसा करने को कहूंगा। अधिवक्ता जयसूर्य भट्ट ने कहा कि चीन का भारत के प्रति जो रुख रहा है, उसका प्रतिकार मैं चीन निर्मित सामानों का बहिष्कार कर करूंगा।