भड़सर। जंगीपुर थाना क्षेत्र के मेहरअलीपुर उर्फ भंवरी गांव में मुख्य मार्ग के किनारे कूड़ा गिराए जाने और मृत पशुओं को खुले में फेंके जाने के आरोप से ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। कूड़े से लदे ट्रैक्टर पर मृत पशु देखकर ग्रामीणों ने उसे लौटा दिया और नगर पालिका के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। आरोप है कि करीब चार वर्ष से मार्ग के किनारे बंजर भूमि में कूड़ा डंप किया जा रहा है। इससे कूड़े का ढेर बढ़ता जा रहा है और राहगीरों, किसानों तथा आसपास के ग्रामीणों को दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण कृष्ण चंद्र यादव ने बताया कि यह मार्ग शहर के आलमपट्टी से सुसुंडी-कासिमाबाद को जोड़ता है। मार्ग पर कई प्राथमिक विद्यालय, डिग्री कॉलेज, पब्लिक स्कूल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी हैं।
खेल मैदान और पानी की टंकी भी कूड़े के पास
ग्रामीणों के अनुसार कूड़े के ढेर से करीब 100 मीटर दूर खेल मैदान है। यहां युवा पहले नियमित रूप से अभ्यास करते थे, लेकिन गंदगी और दुर्गंध के कारण परेशानी हो रही है। करीब 50 मीटर की दूरी पर जल निगम की पानी की टंकी भी स्थित है। किसानों का कहना है कि कूड़े और दुर्गंध के कारण खेतों में काम करना भी मुश्किल हो गया है।
ग्राम प्रधान प्रतिनिधि शिवमंगल यादव ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए अधिकारियों को कई बार लिखित प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। क्षेत्रीय लेखपाल शरद जायसवाल ने बताया कि भूमि बंजर है और करीब 16 मंडा में स्थित है। कूड़ा किन कारणों से और किसके आदेश पर गिराया जा रहा है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। प्रदर्शन में उदय यादव, ओम प्रकाश यादव, आशीष जायसवाल, दुर्गा सिंह यादव, शशिकांत बिंद, नगीना यादव, योगेश यादव, अवधेश बिंद और अरविंद यादव सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
दूसरी जगह दफनाया गोवंश
नगर पालिका परिषद सदर के अधिशासी अधिकारी धीरेंद्र कुमार राय ने बताया कि गोराबाजार में सड़क दुर्घटना में एक लावारिस गोवंश की मौत हो गई थी। नगर पालिका के वाहन से उसे मेहरअलीपुर उर्फ भंवरी गांव के पास जिला प्रशासन की ओर से स्वीकृत भूमि पर दफनाने के लिए ले जाया गया था। ग्रामीणों के विरोध के बाद दूसरी सुरक्षित जगह चिह्नित कर गोवंश के शव को गड्ढे में दफना दिया गया है। वहीं, कूड़े के रेमिडेशन के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था, जो स्वीकृत हो गया है। इसके टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद इस कूड़े का निस्तारण करा लिया जाएगा।