ग्रामीणों ने वाराणसी-गाजीपुर मार्ग जाम किया,
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गाजीपुर में धरना दे रहे सभी लोग डीएम एवं एसपी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े थे।। सूचना पर पहुंचे सैदपुर तहसीलदार दिनेश कुमार समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन ग्रामीण बात अनसुना कर मांग पर डटे रहे। बता दें कि बहरियाबाद थाना क्षेत्र वृंदावन गांव निवासी जवान अभिषेक यादव की असम के मीसामारी में तैनाती थी। बीते 29 मई को पहाड़ी पर लगे सैनिक कैंप से नीचे उतरते समय अनियंत्रित होकर जीप खाई में गिरने से घायल हो गए थे। असम के तेजपुर स्थित सैनिक अस्पताल में बीते दो जून को इलाज के दौरान अभिषेक यादव की मौत हो गई थी।
जवान का पार्थिव शरीर राजधानी एक्सप्रेस से वाराणसी आया। वहां से प्राइवेट एंबुलेंस द्वारा परिवार के लोग पार्थिव शरीर लेकर घर आने लगे।इधर, इस बात की जानकारी होते ही ग्रामीणों ने सुबह साढ़े सात बजे सिधौना बाजार में गाजीपुर - वाराणसी मार्ग जाम कर शहीद का दर्जा देने, सेना के वाहन से पार्थिव शरीर घर भेजने और सम्मान से अंतिम संस्कार कराने की मांग शुरू कर दी।
कुछ देर बाद पहुंचे सैदपुर तहसीलदार दिनेश कुमार और पुलिस टीम मूकदर्शक बनकर एक तरफ खड़ी दिखाई पड़ी। खबर लिखे जाने तक सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी। प्रदर्शन जारी है।