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सीबीआई जांच की मांग को लेकर ग्रामीणों ने किया सड़क जाम

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सिपाही के मौत के बाद जांच की मांग को शनिवार की सायंकाल लेकर वाराणसी - गाजीपुर मार्ग पर जाम करते ग्र - फोटो : GHAZIPUR
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खानपुर (गाजीपुर)। प्रतापगढ़ जिले के लालगंज कोतवाली में तैनात सिपाही आशुतोष यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से हुई मौत से लोगों में आक्रोश है। शनिवार को शव पहुंचते सीबीआई जांच की मांग लेकर ग्रामीणों ने खरौना गांव के सामने वाराणसी-गाजीपुर मार्ग जाम कर दिया। साथ ही पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ देर बाद पहुंचे सैदपुर सीओ राजीव द्विवेदी के आश्वासन पर करीब डेढ़ घंटे बाद जाम समाप्त हुआ। तब जाकर वाहन चालकों ने राहत की सांस ली। इधर शव घर पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
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इलाके के खरौना गांव निवासी सिपाही आशुतोष यादव प्रतापगढ़ जिले के लालगंज कोतवाली में सिपाही के पद पर तैनात थे। बीते 25 मार्च की शाम पांच बजे संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से उनकी मौत हो गई थी। घटना की जानकारी होते ही परिजन ग्रामीणों के साथ लालगंज के लिए रवाना हो गए थे। घटना के दूसरे दिन शव आने की जानकारी होते ही ग्रामीण खरौना गांव के सामने वाराणसी-गाजीपुर मार्ग पर पहुंच गए और शाम पांच बजे से जाम लगा दिया। इसकी जानकारी मिलते ही थानाध्यक्ष पन्ने लाल पुलिस टीम के साथ पहुंचे और समझाने-बुझाने में जुट गए, लेकिन बात नहीं बनी। करीब एक घंटे बाद सीओ सैदपुर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और मृतक के दादा बैजनाथ यादव से बात की। इस दौरान मृतक के दादा ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए सीओ को पत्रक सौंपा। इस पर सीओ ने मोबाइल द्वारा प्रतापगढ़ एसपी से बातकर जांच का आश्वासन दिया। तब- जाकर शाम करीब साढ़े छह बजे जाम समाप्त हुआ। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
दादा बोले - लालगंज पुलिस कर रही लीपापोती
शव घर पहुंचते ही मां उर्मिला देवी दहाड़ मार कर रोने लगी। परिजनों के बिलखने से गांव में मातम फैल गया। दादा बैजनाथ यादव ने बताया आशुतोष अभी 10 दिन पूर्व छुट्टी काट कर 16 सितंबर को ड्यूटी पर गया था। उसे किसी प्रकार का कोई कष्ट नहीं था। लालगंज पुलिस द्वारा उसके आत्महत्या करने की सूचना से पूरा परिवार स्तब्ध है। उन्होंने आशंका जताई कि लालगंज पुलिस इस मामले में लीपापोती कर रही है। पौता ईमानदार किस्म का सिपाही था। कभी हिम्मत हारने वाला नहीं था। वह आत्महत्या नहीं सकता।
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