कृषि विभाग की ओर से किसानों को सुदृढ़ करने को लेकर तैयारी तेज कर दी गई है। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर कृषि यंत्रों का वितरण किया जाएगा। इसके लिए किसानों को पोर्टल पर आनलाइन आवेदन करना पड़ेगा।
उप कृषि निदेशक मृत्युंजय सिंह ने बताया कि धान के फसलों के अवशेष के प्रबंधन को लेकर शासन के निर्देश पर विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। वजह धान की क्राप कटिंग के बाद खेतों में बचे अवशेषों को किसानों द्वारा जला दिया जाता है, जिससे वायु प्रदूषण की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में अवशेषों को जलाए जाने से रोकने और मिट्टी की कार्बनिक क्षमता को विकसित करने के लिए कृषि विभाग की ओर से ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसको लेकर विभिन्न यंत्र अनुदान पर देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। विभाग की माने तो अवशेष प्रबंधन को लेकर अनुदान पर यंत्र किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वह डब्लूडब्लूडब्लू डाट यूपीएजीआआईसीयूएलटीयूआरई डॉट काम पर आवेदन करके यंत्र लेने के लिए टोकन ले सकता है। अनुदान पर यह यंत्र प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फार इन सीटू आफ क्राप रेजिड्यू योजना के तहत उपलब्ध कराया जाएगा।
अवशेष जलाने पर लगेगा जुर्माना
गाजीपुर। खेतों में अवशेष जलाने पर किसानों पर जुर्माना के साथ कार्रवाई की जाएगी। शासन द्वारा निर्धारित दो एकड़ पर ढाई हजार जुर्माना, दो से पांच एकड़ तक पांच हजार जुर्माना, पांच से ऊपर 15 हजार जुर्माना लगेगा। इसके बाद भी अगर अवशेष जलाए जाते हैं तो किसान कृषि विभाग की अनुदान सेवाओं से वंचित हो जाएगा। इसके बाद भी स्थितियां जस की तस रही तो दंडात्मक कार्रवाई होगी।