सदन में बोलती राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत। स्रोत- सोशल मीडिया
राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने बुधवार को शून्यकाल के दौरान संसद में निजी अंतरिक्ष कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 रॉकेट के सफल प्रक्षेपण का मुद्दा उठाया। उन्होंने इसे भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि यह देश की वैज्ञानिक क्षमता, तकनीकी आत्मनिर्भरता और नवाचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सिर्फ रॉकेट के सफल प्रक्षेपण तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प और देश की बढ़ती तकनीकी क्षमता का प्रमाण भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए सुधार, निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी और भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन एवं प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) की स्थापना से इस क्षेत्र को नई गति मिली है।
डॉ. संगीता बलवंत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इसरो, स्काईरूट एयरोस्पेस, इन-स्पेस और मिशन से जुड़े वैज्ञानिकों, अभियंताओं व नवप्रवर्तकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों की प्रतिभा और मेहनत से देश वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र में लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान, स्टार्टअप और युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। कहा कि विक्रम-1 की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों की भूमिका को और मजबूती मिलेगी।