शहर के लंका मैदान में विहिप और दिलदारनगर के गोहदा बिशुनपुर गांव में
आयोजित होने वाले धार्मिक कार्यक्रम के दौरान ‘घर वापसी’ को लेकर शांतिभंग
होने की आशंका में मंगलवार को जिला पुलिस ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया।
जिला प्रशासन द्वारा उक्त दोनों जगहों पर होने वाले
कार्यक्रम की अनुमति
नहीं दी। इस पर पुलिस ने विहिप के धर्म प्रचार प्रमुख, हिंदू युवा वाहिनी
के जिलाध्यक्ष सहित सात नेताओं को शांतिभंग होने की आशंका मेें गिरफ्तार कर
लिया। सीओ सिटी कमल किशोर ने बताया कि बाद में कार्यक्रम स्थगित कराने का
लिखित आश्वासन देने के बाद निजी मुचलके पर उन्हें छोड़ दिया गया।
विहिप
की ओर से 17 दिसंबर को स्वर्ण जयंती समारोह और 18 दिसंबर को हिंदू युवा
वाहिनी की ओर से दिलदारनगर के गोंहदा बिशुनपुर में कार्यकर्ता सम्मेलन का
आयोजन किया जाना प्रस्तावित था। इसी बीच ‘घर वापसी’ के मुद्दे को लेकर
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बाद पूर्वांचल में गरमा रहे माहौल को देखते हुए
पुलिस की ओर से कड़ा रुख अख्तियार किए जाने लगा। जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह
पटेल की संस्तुति पर प्रशासन की ओर से कार्यक्रम के लिए मांगी गई प्रशासनिक
अनुमति आयोजकों को नहीं दी गई।
इसके बाद पुलिस ने आयोजन की तैयारी में
जुड़े सात नेताओं हिंदू युवा वाहिनी के जिलाध्यक्ष रास बिहारी राय, जिला
मंत्री राकेश जायसवाल, विहिप के काशी गोरक्ष प्रांत के धर्म प्रचार प्रमुख
सुदर्शन जी, विहिप के जिला मंत्री राजेश उपाध्याय, संगठन मंत्री घनश्याम,
विहिप के जिला उपाध्यक्ष डा. तारकेश्वर तथा भानु केसरी को शाम गिरफ्तार
किया गया था।