गाजीपुर। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण रेवतीपुर-गहमर बाईपास पर बाढ़ का पानी 4 फीट तक लग गया है। इसके कारण वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। आसपास के लोग पैदल आवागमन कर रहे हैं। गंगा का जलस्तर एक सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। खतरे के बिंदु से गंगा की दूरी केवल 155 सेमी रह गई है। उधर, गोमती नदी भी उफान पर है।गंगा अब खतरा बिंदु की ओर रुख कर चुकी हैं। इससे तटवर्ती लोग चिंतित नजर आ रहे हैं। गंगा का जलस्तर शुक्रवार को 62.950 मीटर दर्ज किया गया। खतरा बिंदु 63.105 मीटर है। ऐसे में गंगा नदी अब खतरा बिंदु से केवल 155 सेमी दूर बह रही है। नगर के घाटों की अधिकांश सीढि़यां जलमग्न हो चुकी हैं। वहीं बाढ़ का असर जनपद के निचले इलाकों में दिखाई दे रहा है। हसनपुरा व वीरऊपुर गांव के पास रेवतीपुर-गहमर बाइपास मार्ग पर 500 मीटर के दायरे में बाढ़ का पानी 4 फीट तक पसरा हुआ है। बाईपास मार्ग रेवतीपुर से गहमर व बारा जाने के लिए शार्टकट रास्ता है। लेकिन, वाहनों का आवागमन बंद होने से लोगों को असुविधा हो रही है। लोगों को ताड़ीघाट-बारा मार्ग नेशनल हाईवे से आवागमन करने में 10 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
गहमर : रेवतीपुर-गहमर बाइपास मार्ग के साथ ही हसनपुरा, वीरऊपुर, नसीरनपुर गांव के मुख्य मार्ग पर भी 4 फीट तक पानी आ चुका है। वहीं 125 बीघा खाली खेत में बाढ़ का पानी पसर चुका है। मौधा : गोमती नदी में बढ़ाव के कारण तटवर्ती क्षेत्र अमेहता, गौरहट,गौरी, तेतारपुर, खरौना गांव के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। तेतारपुर गांव के मुख्य मार्ग पर 500 मीटर के दायरे में 6 इंच तक पानी फैल चुका है।
तेतारपुर गांव के 25 से 30 बीघा खाली खेत में गोमती नदी का पानी पसरा हुआ है।
वाराह घाट डूबा-औड़िहार। स्थानीय वाराह घाट की सभी सीढि़यां बाढ़ के पानी में डूब चुकी हैं। शिव मंदिर का गुंबद केवल दिखाई दे रहा है। चेजिंग रूम में पहले ही पानी प्रवेश कर चुका था। वाराह घाट के पास निर्माणाधीन वृद्धा आश्रम बाढ़ के पानी से घिर चुका है। शादी-भादी गांव की आबादी बाढ़ के पानी से घिर चुकी है। औड़िहार, पटना, शादी-भादी, फुलवारी, फुलवारी कला, देवचंदपुर, चकेरी आदि गांवों के 120 बीघा खाली खेत में बाढ़ का पानी नजर आ रहा है। संवाद