गाजीपुर। जनपद के लोगों के लिए अच्छी खबर है। गंगा पर स्थित रेल सह रोड ब्रिज के एप्रोच मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। एप्रोच मार्ग का निर्माण कार्य 548 दिनों में पूरा हो जाएगा। इसके बाद रोड ब्रिज पर सभी प्रकार के वाहन फर्राटा भरते नजर आएंगे।गंगा पर स्थित रेल सह रोड ब्रिज का एप्रोच मार्ग 3.6 किलोमीटर लंबा है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो गई है। सबसे अधिक सरकारी जमीन होने के कारण भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में कोई पेंच नहीं फंसा। इसके बाद एप्रोच मार्ग के निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। गंगा पर बहुत पहले ही रेल सह रोड ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा हो गया था। केवल एप्रोच मार्ग का कार्य बजट स्वीकृति के अभाव में लटका रहा। इसके कारण रेल ब्रिज पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया लेकिन रोड ब्रिज पर यातायात शुरू नहीं हो सका। दो वर्ष पहले भेजे गए प्रस्ताव को वर्ष 2025 में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से मंजूरी प्रदान की गई। सड़क परिवहन के नजरिए से देखा जाए तो गंगा इस पार व उस पार समेत बिहार को जोड़ने का कार्य वीर अब्दुल हमीद सेतु वर्तमान में करता है। लेकिन, मौजूदा स्थिति में सेतु जर्जर हो चुका है। इसके कारण भारी व बड़े वाहनों का संचालन बंद है। इसके लिए लंबे समय से लोग रेल सह रोड ब्रिज पर उम्मीद की नजरें टिकाए बैठे हैं।
एक नजर में रेल सह रोड ब्रिज-गंगा पर रेल सह रोड ब्रिज का निर्माण 420 करोड़ की लागत से हुआ है। यह 14 पिलरों पर टिका है। परियोजना की आधारशिला 14 नवंबर वर्ष 2016 में रखी गई थी। इसकी क्षमता 100 टन भार है। प्रदेश का यह इकलौता पुल है, जिसका निर्माण नट-बोल्ट पर हुआ है। रेल ब्रिज पूर्वोत्तर रेलवे मंडल व दानापुर को जोड़ने जोड़ता है। वर्ष 2024 में 10 मार्च को रेल सह रोड ब्रिज का लोकार्पण हुआ था।
व्यापार को लगेंगे पंख-रेल सह रोड ब्रिज के एप्रोच मार्ग का निर्माण पूरा होने के बाद जनपद में व्यापार को पंख लगेगा। भारी व बड़े वाहनों के माध्यम से व्यापारी चंदौली समेत बिहार के विभिन्न जनपदों में विविध वस्तुओं का आयात व निर्यात कर सकेंगे। अभी तक बिहार जाने के लिए एनएच-31 का सहारा लेना पड़ता है। जिससे समय अधिक लगता है।
रेल सह रोड ब्रिज के एप्रोच मार्ग का निर्माण कार्य 548 दिनों में पूरा हो जाएगा। भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो गया है। - प्रशांत मिश्रा, परियोजना निदेशक एनएचआई