गाजीपुर। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने अपने ही आदेश को चार महीने में पलटते हुए वाहनों की मैनुअल फिटनेस जांच को सशर्त फिर से शुरू कर दिया है। पांच जनवरी को इसे पूरी तरह बंद किया गया था, लेकिन अब प्रदेश के 51 जिलों में इसे दोबारा लागू कर दिया गया है। गाजीपुर भी इसमें शामिल है। केंद्रीय परिवहन मंत्रालय के सचिव यतेंद्र कुमार द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जिन जिलों में एटीएस निर्माणाधीन हैं, वहां सीमित अवधि तक ही मैनुअल जांच की अनुमति दी गई है। गाजीपुर को इसके लिए 30 सितंबर तक की मोहलत मिली है।
शासन के निर्देश पर जिले में तीन मई से मैनुअल फिटनेस जांच शुरू हो गई है। जंगीपुर में अब तक 18 वाहनों की जांच की जा चुकी है। हालांकि बुधवार को सर्वर फेल होने से 22 वाहन स्वामियों को बिना फिटनेस कराए ही लौटना पड़ा और उन्हें बृहस्पतिवार का स्लॉट लेना पड़ा। एआरटीओ धनवीर यादव ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देश पर जिले में सशर्त मैनुअल फिटनेस जांच शुरू कर दी गई है। तीन मई से जंगीपुर में यह प्रक्रिया चल रही है और अब तक 18 वाहनों की फिटनेस हो चुकी है।
फिटनेस के लिए वाराणसी जाना पड़ता था
दरअसल, जिले में ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) न होने के कारण हर महीने 500 से अधिक वाहनों को करीब 77 किलोमीटर दूर वाराणसी जाना पड़ता था। वहां पहले से चंदौली और जौनपुर के वाहन भी कतार में रहते थे, जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी।