आरोप है कि समय पर उपचार नहीं उपलब्ध कराया गया। केवल पैसे की मांग की जाती रही। आरोप लगाया कि हालत बिगड़ने पर अस्पताल के संचालक ने बिना सूचना दिए पत्नी को मऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। 17 सितंबर की देर शाम ही पत्नी की मौत हो गई, बावजूद इसके मऊ के निजी अस्पताल प्रशासन ने पैसे के लालच में इसकी जानकारी नहीं दी।
काफी कहने सुनने पर 18 सितंबर को पत्नी का शव सौंपा गया। लक्ष्मण साहनी ने आरोप लगाया कि एसके अस्पताल के डॉक्टरों एवं संचालक की लापरवाही से मौत हुई है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कासिमाबाद कोतवाल नंद कुमार तिवारी ने बताया कि आशा कार्यकर्ता उषा साहनी, एएनएम जयमाला, एसके अस्पताल के संचालक वाहिदयार खान, डाॅ. राकेश चौधरी और डाॅ. शमा के खिलाफ मुकदमा दर्जकर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पहले भी हो चुके हैं मामले
- 17 सितंबर, 2025 : एक निजी अस्पताल में एक गर्भवती महिला की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया।
- 30 अगस्त, 2025 : एक निजी अस्पताल में प्रसूता और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। परिजनों ने वसूली और लापरवाही का आरोप लगाया।
- 14-15 जून, 2025 : जमानिया मोड़ पर स्थित एक निजी क्लीनिक में प्रसव के दौरान गर्भवती महिला की मौत।
- 3 अप्रैल, 2025 : शादियाबाद में एक फर्जी अस्पताल में गलत इलाज के कारण एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया था।