मरदह गांव में बाली के मरण की लीला का मंचन करते अति प्राचीन रामलीला कमेटी कुटी के कलाकार। संवाद
सिधागरघाट। क्षेत्र के पाली में श्री सियाराम स्वयं सेवक संघ की ओर से रविवार की रात अशोक वाटिका, चूड़ामणि देने के लीला का मंचन किया गया। श्री सियाराम स्वयं सेवक संघ के अध्यक्ष पंकज राय ने बताया कि हनुमान माता सीता को ढूंढते -ढूंढते लंका पहुंचे। अशोक वाटिका में उन्होंने सीता माता को देखा।
वहां उन्होंने श्रीराम का संदेश दिया। माता सीता ने उन्हें चूड़ामणि देकर श्री राम को पहचान भेजा। जाते समय हनुमान ने अपनी वीरता दिखाने के लिए अशोक वाटिका में लगे पेड़- पौधे व फल- फूल की काफी हानि हुई, उसके बाद रावण की सैनिकों ने उन्हें पकड़कर दरबार में लाया। रावण ने उन्हें मारने के बजाए उनकी पूंछ में आग लगाने का आदेश दिया। उन्होंने जली हुई पूंछ से पूरी लंका में आग लगा दिया। लंका दहन का दुश्य देखकर देवता हनुमान की जय-जयकार करने लगे।