गाजीपुर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर बिजली के निजीकरण के विरोध में पूरे जिले में उपखंड स्तर पर नौ जगह चिन्हित कर विरोध सभा मंगलवार को आयोजित की गई। निजीकरण के प्रस्ताव पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए जिला संयोजक निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि ऊर्जा निगमों का शीर्ष प्रबंधन पूरी तरह से विफल हो गया है। अपनी विफलता छिपाने के लिए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण थोपा जा रहा है। ऊर्जा क्षेत्र में अनावश्यक टकराव पैदा किया जा रहा है।
उन्होंने प्रबंधन पर आरोप लगाया कि ऊर्जा निगमों का प्रबंधन बिजली कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं को हड़ताल के रास्ते पर धकेल रहा है। निजीकरण के विरोध में संघर्ष समिति ने 24 अगस्त को ही नोटिस दे दी थी। प्रदेश भर में विरोध सभा चल रही है। जिला सह संयोजक संतोष मौर्या ने कहा कि समिति अपना ध्यानाकर्षण सभा प्रति दिन करती रहेगा जब तक निजीकरण बिल वापस न हो जाए। केंद्रीय कमेटी आगे जैसा निर्णय लेगी उसका पालन जरूर होगा। सभा में अधिशासी अभियंता महेंद्र मिश्रा, विजय यादव, शत्रुघ्न यादव, अमित कुमार, अभिषेक राय, मिठाईलाल, सुरेश चाचा, सत्यनारायण चौरसिया, इंद्रजीत पटेल, अविनाश सिंह आदि उपस्थित थे।