गाजीपुर। जिले में चल रहे 44 अनधिकृत वाहन रोडवेज को प्रतिदिन 2.25 लाख तक की चपत लगा रहे हैं। विभिन्न मार्गों पर चल रहे यह वाहन
परिवहन निगम की बसों से पहले सवारियों को बैठा लेते हैं। रोडवेज बसों को पर्याप्त सवारी नहीं मिल पाती। इसके कारण उन्हें राजस्व की हानि होती है। अनधिकृत वाहनों में बड़े वाहन, बसें और मिनी बसें शामिल हैं। यह परमिट के आधार पर नहीं चल कर जो व्यस्ततम मार्ग हैं वहां पर चलती हैं। रोडवेज बसों से आगे-आगे चलकर सवारियों को ले लेती हैं।
इससे रोजाना दो से सवा दो लाख रुपये तक की परिवहन निगम को चपत लग रही है। सड़कों पर अनियंत्रित एवं फर्राटा भरते ये वाहन जहां हादसों का सबब बनते हें। वहीं यातायात के नियमों से बेपरवाह ये यातायात व्यवस्था पर सवाल भी उठा रहे हैं। बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी अंजान बने हुए हैं।
यातायात नियमों से बेपरवाह अनधिकृत वाहनों में अधिकतर डग्गामार बसें हैं। जिला मुख्यालय से लेकर कस्बों के विभिन्न मार्गों पर धड़ल्ले से चल रही हैं। 20 और उससे अधिक यात्रियों वाले इन वाहनों में सवारियां भी मानक से ज्यादा भरी जाती हैं। जिले के अलग-अलग मार्गों पर चलने वाले ये वाहन जहां परिवहन विभाग को राजस्व का नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं सवारी बैठाने को लेकर प्राइवेट बस एवं रोडवेज के कर्मियों के बीच प्राय: कहासुनी की शिकायतें आती हैं। यात्रियों से अधिक किराया वसूलने के साथ ही उनसे अभद्रता करते हुए मारपीट करने जैसी घटनाएं भी होती रही हैं। इन बसों के खडे़ होने से सड़क का मुख्य हिस्सा व्यस्त हो जाता है। इससे दूसरे वाहन चालकों को सड़क पार करने में परेशानी होती है। जिन मार्गोंं पर डग्गामार अनधिकृत वाहन चल रहे हैं, उन रास्तों में कई पुलिस चौकियां हैं। जिम्मेदारों की तरफ से कभी-कभार कुछ वाहनों पर कार्रवाई कर अपने काम की इतिश्री कर ली जाती है लेकिन इसके बाद भी अनधिकृत वाहनों के संचालन पर कोई रोकथाम नहीं है।
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इस रूट पर हैं अनधिकृत वाहन
गाजीपुर से भरौली- 18
मुहम्मदाबाद से वाराणसी- 1
वाराणसी से बलिया- 1
गाजीपुर से मऊ- 19
गाजीपुर से दुल्लहपुर- 5
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इनसेट
चार हुई नीलाम, बेड़े में अब 64 बसें
परिवहन निगम के स्थानीय डिपो के बेड़े में 68 बसें थी। बीते दिनों 4 बसें मानक पूरा नहीं करने के कारण नीलाम कर दी गईं। अब बसों की संख्या 64 रह गई है। इन बसों का संचालन कन्नौज, कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी के साथ ही आसपास के अन्य जिलों मऊ, आजमगढ़ के लिए किया जा रहा है। इसके साथ ही जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिपो की बसें चल रही हैं। मालूम हो कि कुछ महीने पहले चार बसें नीलाम हो चुकी हैं।
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इनसेट
संविदा चालकों की होगी भर्ती
वाराणसी रेंज के विभिन्न डिपो के लिए वर्तमान में 360 संविदा चालकों की जरूरत है। संविदा चालक पद के लिए 2-3 दिसंबर को काशी डिपो के परिसर में रोजगार मेले का आयोजन किया गया। इसके लिए आठवीं पास एवं दो वर्ष पुराना हैवी वैध लाइसेंस के साथ ही आयु 23 वर्ष छह माह से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
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वर्जन
अनधिकृत वाहनों पर अंकुश लगाने के लिए संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ संयुक्त चेकिंग अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है।
-बीके पांडेय, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज डिपो