गाजीपुर जिले के नोनहरा थाना क्षेत्र के सुसुंडी गांव में रविवार को तेंदुए के हमले में दो लोग घायल हो गए। बाद में ग्रामीणों ने झुरमुटों में छिपे तेंदुए को लाठियों से पीट-पीट कर मार डाला। वन विभाग ने तेंदुए के शव को कब्जे में ले लिया। डीएफओ ने कहा कि नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
नोनहरा क्षेत्र के सुसुंडी गांव निवासी महेंद्र राजभर (35) रविवार सुबह आठ बजे खेत में गेहूं की कटाई कर रहा था। इसी दौरान वहां छिपा तेंदुए ने उस पर हमला बोलते हुए झुरमुट में घुस गया। सुचना मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण लाठी-डंडा लेकर पहुंच गए और पतलों में तेंदुए की तलाश करने लगे। वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों ने उनसे तेंदुए को खोजवाने को कहा तो डीएफओ ने कहा कि हमने दूरबीन से काफी दूर तक देखा है, कोई जानवर नहीं है। पुलिस ने भी यही बात कही।
इसके बाद अधिकारियों की मौजूदगी में करीब ढाई बजे आठ-दस युवक हिम्मत जुटाते हुए लाठी-डंडा लेकर जैसे ही घुसे, तेंदुआ निकल आया और संजय राम (25) पर हमला बोल दिया। इस पर ग्रामीणों ने घेरकर लाठी-डंडे से उसे मार डाला। दोनों घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया।
डीएफओ गिरीशचंद्र त्रिपाठी ने कहा कि तेंदुए के हमले में दो लोग जख्मी हुए हैं। मना करने के बावजूद ग्रामीणों ने तेंदुए का बच्चा, जो दो से तीन वर्ष का था, उसे पीट-पीटकर मार डाला। इस मामले में कई नामजद एवं दर्जनों अज्ञात के खिलाफ भारतीय वन्य जीव अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा।
सुसुंडी गांव में तेंदुआ के हमले में दो लोगों के घायल होने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने लाठी-डंडा से मारकर तेंदुआ की हत्या कर दी। इस संबंध में वन विभाग की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की जाएगी।
बृजेश शुक्ला, थानाध्यक्ष नोनहरा।