फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: गाजीपुर में अधिवक्ता समेत दो की मौत, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा; केदारनाथ से लौट रहे थे

Mon, 27 Apr 2026 09:31 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर।

सार

Road Accident in Ghazipur: जिले के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर हादसे की सूचना पाकर तहबरपुर थाने की पुलिस पर पहुंच गई। स्थानीय लोगों की सहायता से घायलों को अस्पताल भेजा गया। इसके साथ ही मृतकों के परिजनों को हादसे की सूचना दी गई।
विज्ञापन
रजनीकांत पांडेय और सुनीता सिंह की फाइल फोटो। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Ghazipur News: बद्रीनाथ और केदारनाथ की दस दिवसीय यात्रा से लौट रहे कार सवार पांच लोगों का सफर रविवार रात दर्दनाक हादसे में तब्दील हो गया। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर आजमगढ़ के तहबरपुर गांव के सामने तेज रफ्तार कार ट्रक में पीछे से जा घुसी, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

विज्ञापन


हादसे में बुढ़ानपुर निवासी अधिवक्ता रजनीकांत पांडेय (52) और अलीपुर मदरा निवासी रामपुर प्राथमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सुनीता सिंह (45) की जान चली गई। वहीं अधिवक्ता अखिलानंद सिंह, अधिवक्ता संजय पांडेय और अंतिमा पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका उपचार आजमगढ़ के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। घायलों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।

परिजनों में मचा कोहराम

जानकारी के अनुसार अलीपुर मदरा निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता अखिलानंद सिंह अपनी पत्नी सुनीता सिंह के साथ बुढ़ानपुर निवासी अधिवक्ता रजनीकांत पांडेय, संजय पांडेय और अंतिमा पांडेय के साथ निजी कार से चारधाम यात्रा पर गए थे। दस दिन की यात्रा पूरी कर सभी रविवार देर रात लौट रहे थे।

करीब 12 बजे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से आजमगढ़ मार्ग के कट पर उतरते समय कार अनियंत्रित होकर आगे चल रहे ट्रक में पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल अस्पताल भिजवाया, जहां चिकित्सकों ने रजनीकांत पांडेय और सुनीता सिंह को मृत घोषित कर दिया। 
विज्ञापन

अधिवक्ताओं में शोक

हादसे की खबर मिलते ही अधिवक्ताओं और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। जखनिया एसडीएम अतुल कुमार सिंह ने पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामदुलार राम सहित अन्य अधिवक्ताओं ने इसे अपूरणीय क्षति बताते हुए गहरा शोक व्यक्त किया है।

अधिवक्ताओं ने मृतकों की श्रद्धांजलि में तीन दिनों तक न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है। इधर, गांव में मातम पसरा हुआ है। परिजनों के रोने-बिलखने से माहौल गमगीन हो गया है और ग्रामीणों की भीड़ लगातार उनके घरों पर जुट रही है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें