कठवा मोड़ पुल पर आवागमन प्रतिबंधित
एनएच-31 पर बेसो नदी पर कठवा मोड़ के पास स्थित पुल के बीम में दरार पड़ने से पुल के दोनों तरफ ईंट की दीवार खड़ाकर उस पर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। पुल को बंद कर दिए जाने से दोनों तरफ के लोगों का संपर्क टूट गया है। लंबी दूरी तय कर लोगों को कठवामोड़ बाजार सहित बलिया और बिहार आना-जाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा दिक्कत मरीजों को हो रही है।ओवरवोड वाहनों की वजह से 24 जून की दोपहर गाजीपुर-हाजीपुर (बिहार) मार्ग पर एनएच-31 पर बेसो नदी पर कठवामोड़ के पास स्थित पुल के बीम में अचानक दरार पड़ गई थी।
इसकी जानकारी होते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। कोई हादसा न हो, इसके लिए पुल के दोनों तरफ ईंट लगाकर आवागमन प्रतिबंधित करा दिया था। रविवार को पुल के दोनों तरफ पक्की दीवार खड़ा करा दी गई। इसकी वजह से इस पुल पर पैदल आवागमन भी बंद हो गया। यह पुल गाजीपुर और बलिया को जोड़ने का एकमात्र सीधा मार्ग है। यह भरौली होते हुए हाजीपुर बिहार भी जाता है। ऐसे में इस पुल के बंद होने से बलिया और बिहार जाने वाले लोगों को दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है।
गाजीपुर घाट के पास से और बोरसिया गांव स्थित एक कालेज के पहले चौरही मोड़ से लोग गांव की सड़क से करीब छह किलोमीटर की दूरी तयकर निजामपुर पहुंच रहे हैं। इसके बाद कासिमाबाद मार्ग से होकर मुहम्मदाबाद, बलिया, बिहार जा रहे हैं। भारी वाहनों का आवागमन एनएच-29 से होकर मरदह, मऊ से होते हुए कासिमाबाद, मुहम्मदाबाद एवं बलिया तक हो रहा है। आवागमन बंद होने से पुल के दोनों तरफ रहने वाले लोगों का एक-दूसरे से संपर्क टूट गया है। छह किलोमीटर की दूरी तयकर लोगों को बाजार में जाना पड़ रहा है।
बोरसिया के सुरेश यादव का कहना है कि मेरे गांव से कठवामोड़ बाजार की दूरी आधा किलोमीटर से भी कम है। पुल पर आवागमन बंद होने से इन्हें काफी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। नदी में पानी अधिक होने से ग्रामीण इसे पार कर भी उस पार नहीं जा सकते हैं। विरेंद्र यादव कहते हैं कि ओवरलोड वाहनों के गुजरने की वजह से यह पुल क्षतिग्रस्त हुआ है। रानीपुर के महेंद्र कुमार का कहना है कि क्षतिग्रस्त होने की वजह से कठवामोड़ पुल पर आवागमन प्रतिबंधित होने से मुश्किलें काफी बढ़ गई है। बलिया, बिहार जाने के लिए 10 से 12 किलोमीटर की अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है।