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निजी प्रैक्टिस भत्ता देने की मांग

Sat, 25 Jun 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला,गाजीपुर
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 उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री  को  संबोधित पत्रक शनिवार को सौंपा। दिए गए पत्रक में कहा कि मुख्यमंत्री  के  कुशल नेतृत्व में पशु पालन से संबंधित विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं  जैसे  कामधेनु, मिनी एवं माइक्रो कामधेनु, कुक्कुट योजना, पशुधन बीमा आदि  का सफल  संचालन करते हुए दुग्ध उत्पादन एवं पशु चिकित्सा सेवा में देश में  प्रथम  स्थान प्राप्त किया है।पत्रक में कहा गया है कि पशुपालन के सहारे अपना जीविकोपार्जन कर रहे अधिकांश  पशुपालक आज भी गरीब हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में निवास कर रहे  हैं।
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  लेकिन  इन गरीब पशुपालकों को अपने पशुओं के नि:शुल्क  चिकित्सा  का इंतजार है। वर्ष 2013 में शासन द्वारा आये एक आदेश  में प्रदेश  के समस्त पशु चिकित्सकों  को प्रैक्टिस बंदी भत्ता देने के  बजाय उन्हें  गरीब पशुपालकों से फीस लेकर प्राइवेट प्रैक्टिस करने की छूट  प्रदान कर दी  गई थी, लेकिन यह ठीक नहीं है।  पशु चिकित्सकों ने अन्य पड़ोसी राज्यों की तर्ज पर   निजी  प्रैक्टिस पर रोक लगाकर उन्हें प्रैक्टिस बंदी भत्ता  (एनपीपी) दिया  जाए।

साथ  ही स्वास्थ्य विभाग की  भांति पशुपालन विभाग में भी चिकित्सा, कृत्रिम  गर्भाधान, पशु बीमा आदि  कार्यों को भी लेवी मुक्त कर दिया जाए ताकि पशुओं का नि:शुल्क  चिकित्सा संभव हो सके। पत्रक सौंपने के दौरान  अध्यक्ष डा. प्रदीप कुमार  यादव, महामंत्री डा. संजय सिंह, संयुक्त मंत्री  डा. सुरेश कुमार पांडेय आदि थे।
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