सादात। क्षेत्र में सोमवार को हुई भारी बारिश से निचले इलाकों में जहां पानी भर गया वहीं रेलवे की ओर से कटया और दौलतनगर के पास बनवाए गए अंडरपास में पानी भरने से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। ऊपर से जाने का रास्ता भी कई महीनों से बंद कर दिया गया है। करोड़ों रुपये की लागत से बना यह दोनों अंडरपास बेकार साबित हो रहा है।
कटया के पास अंडरपास में पानी भरने से कटया गांव का संपर्क सवास, बूढ़नपुर और पहाड़पुर गांव से टूट गया है। इन गांव के लोगों को कम से कम पांच किमी घूमकर दूसरे रास्तों से आना-जाना पड़ रहा है। इस अंडरपास की हालत यह है कि थोड़ा भी पानी बरसता है तो यह भर जाता है। इसके अंदर कई जगह गड्ढे बन गए हैं। अगर कोई बाइक सवार दुस्साहस करके जाने का प्रयास करता है तो वह इन गडढों के चलते गिर जाता है। पिछले वर्ष भी इसकी यही स्थिति बनी रही। लगभग तीन माह तक इस अंडरपास से आना-जाना भी नहीं हो सका। इसके लिए कई बार धरना-प्रदर्शन भी गांव वालों ने किया लेकिन समस्या जस की तस बनी है। ठीक यही स्थिति दौलतनगर पावर हाउस के पास बने अंडरपास की भी है। यहां पर भी ऊपर से जाने वाले रास्ते को रेलवे ने कटवा दिया है। जगह-जगह गड्ढा होने से अब हालत यह है कि न तो कोई ऊपर से जा सकता है और न ही नीचे से जाने लायक रास्ता रह गया है। अंडरपास में बीच में गड्ढा बना हुआ है। इसमें साइकिल और पैदल जाने वालों के लिए तो कोई गुंजाइश ही नहीं है। आसपास के रहने वाले लोगों में चंद्रभान राजभर, कांता राजभर, शिवेंद्र यादव, शैलेंद्र सिंह, पप्पू सिंह ने रेलवे से बरसात भर ऊपर का रास्ता चालू रखने की मांग की है।