अगर मन में कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो तो सफलता खुद-ब-खुद कदम चूमती है। यह बातें माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में अपनी मेधा का डंका बजाने वाले कुछ मेधावियों पर बिल्कुल सटीक बैठती है। बेहद सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले इन होनहारों ने घर की आर्थिक स्थिति को आड़े नहीं आने दिया। लगन एवं निष्ठा से पढ़ाई कर सफलता की इबारत लिखने का काम किया है।
जमानिया क्षेत्र के बघरी गांव निवासी बालेश्वर सिंह के पुत्र विवेक मौर्य ने जिले में सबसे अधिक अंक प्राप्त कर विद्यालय सहित क्षेत्र का मान बढ़ाया। तहसील से पूरब ओर स्थित बघरी गांव निवासी विवेक के पिता राजमिस्त्री हैं। और अपने दो बेटे अंकित और विवेक को पढ़ा रहे हैं। अंकित बीएड कर रहे हैं जबकि विवेक ने अमर शहीद इंटर कॉलेज से पढ़ाई करते हुए माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल की परीक्षा के परिणाम में जिले में सर्वाधिक अंक प्राप्त किया है। उसने बताया कि उनके बड़े भाई सहित परिवार के लोग पढ़ने के लिए प्रेरित करते रहते थे। जिसका परिणाम रहा कि उसने यह सफलता प्राप्त की। वह आईआईटी से पढ़ाई कर इंजीनियर बनना चाहते हैं। इसके लिए जीतोड़ मेहनत भी कर रहे हैं। देर रात तक पढ़ाई के दौरान माता ऊषा देवी उन्हें समय-समय पर प्रोत्साहित करती रहती थीं। उधर आदर्श इंटर कालेज के इसी कक्षा के दीपक यादव के पिता कमलेश हलवाई का काम करते हैं। मां लक्ष्मीना एवं पिता ने उसको कभी आर्थिक समस्या महसूस नहीं होने दिया। उसकी शिक्षा-दीक्षा पर गंभीरता से ध्यान दिया। लूदर्स कांवेंट बालिका इंटर कालेज की शालिनी बलवंत के पिता अतुल कुमार किसान हैं जबकि मां सीमा गृहिणी हैं। उसके माता-पिता ने भी बच्ची की पढ़ाई में धनाभाव को बाधक नहीं बनने दिया। पुत्री को बेहतर से बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास किया।