खानपुर थाना क्षेत्र के मौधा गांव निवासी बीएसएफ जवान की मेघालय में बीते 17 जून को भूस्खलन में दबकर मौत हो गई। उस दौरान वह बीएसएफ कैंप में आराम कर रहे थे। अधिकारियों द्वारा हादसे की जानकारी परिजनों को दी गई। इधर घटना की सूचना मिलते ही परिजनों के रोने- बिलखने से गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। गांव के लोग परिजनों को सांत्वना देकर शांत कराने में जुटे रहे।
गांव निवासी सतीश सिंह (40) बीएसएफ में मेघालय राज्य की सीमा पर तैनात थे। बीते 17 जून की दोपहर में ड्यटी के बाद वह अपने बीएसएफ कैंप में आराम कर रहे थे। उसी समय पहाड़ों से मिट्टी का भूस्खलन शुरू हो गया। पहाड़ों से गिरी मिट्टी में टेंट पूरी तरह ढंक गया और दबने से सतीश सिंह की मौत हो गई। इधर हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के लोग मेघालय के लिए रवाना हो गए। परिजनों के रोने- बिलखने से गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। ग्रामीण और क्षेत्र के लोग घर पर पहुंचकर परिजनों को सात्वंना देने में जुटे रहे। सतीश सिंह अपने तीन भाइयों में सबसे बड़े थे। इनके दोनों भाई भी सेना में तैनात हैं। सतीश सिंह की पत्नी विजयलक्ष्मी और मां कांति देवी बेटे की तस्वीर देख बिलख रही है। परिजनों के अनुसार जवान का पार्थिव शरीर रविवार की दोपहर तक आने की उम्मीद है।