गाजीपुर। जिले में मोक्षदायिनी गंगा के प्रदूषण मुक्त होने का मार्ग साफ होता दिख आ रहा है। इसके लिए दो नगर निकाय सैदपुर नगर पंचायत व जमानिया नगर पालिका में 11 नालों की टैपिंग का खाका तैयार किया गया है। टैपिंग पर 4.87 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस संबंध में जल निगम शहरी ने दोनों नगर निकायों में नाला टैपिंग का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है।
जमानिया नगर पालिका में तीन नाले हैं। जबकि सैदपुर में आठ नालों की टैपिंग का प्रस्ताव तैयार किया गया है। जनपद के इन दोनों नगर निकायों के 11 नालों की टैपिंग पर 4.87 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अब शासन की हरी झंडी का इंतजार किया जा रहा है। जैसे ही शासन से प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी। वैसे ही दोनों जगहों पर नालों की टैपिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा। प्रस्ताव बनाने से पहले जल निगम शहरी की ओर से दोनों निकायों के नालों का बाकायदा सर्वे करके एस्टीमेट (लागत) तैयार किया गया। सर्वे में यह तय किया गया कि कहां-कहां चैंबर निर्माण की आवश्यकता पड़ेगी। टैपिंग के तहत गंगा में गिरने वाले नालों को पाइप लाइन के जरिये मोड़कर उसके पानी को एसटीपी में लाया जाएगा।
गंगा में जिले के 55 नालों का पानी गिरता है
गंगा की निर्मलता में नालों का गंदा पानी सबसे बड़ा बाधक है। अकेले शहर में 18 नालों के माध्यम से गंगा में प्रतिदिन 37.15 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) गंदा पानी गिरता है। जिले में यह आंकड़ा 56 एमएलडी तक पहुंच जाता है। पूरे जिले में कुल 55 नालों का पानी गंगा में गिरता है।
ये है टैपिंग
गंदे नालों को सीधे नदियों में जाने से रोकने के लिए उन्हें सीवर लाइन या इंटरसेप्टर के जरिये मोड़कर एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) तक ले जाने की प्रक्रिया को नालों की टैपिंग कहा जाता है।
जिले के दो नगर निकायों जमानिया व सैदपुर में नाला टैपिंग का प्रस्ताव तैयार करके शासन को भेज दिया गया है। शासन से मंजूरी मिलते ही काम शुरू कराया जाएगा।- स्वतंत्र सिंह, अधिशासी अभियंता जलनिगम शहरी