आजमगढ़ के देवगांव थाना के कपसेठा निवासी सत्येंद्र यादव ने बताया कि पत्नी लक्ष्मी छह माह से अपने मायके में रह रही है। बीते 13 अक्तूबर की शाम करीब छह बजे लक्ष्मी देवी अपनी दोनों बच्चियों के साथ सिहौली घाट पहुंची थीं। बताया कि देर रात केराकत पुलिस ने फोन करके बताया कि एक महिला थाने पर आई है और बताया कि दोनों बच्चियों को गोमती नदी में फेंक दी है। बच्चियों के लापता होने के बाद से जौनपुर पुलिस और बचाव दल गोमती नदी में उनकी तलाश कर रही थी।
छह दिन तक बच्चियों का कोई पता नहीं चल सका। कोतवाल प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि बीते 18 अक्तूबर की दोपहर शहर के स्टीमर घाट पर गंगा नदी में दोनों बच्चियों का शव मिला। दोनों साड़ी से बंधी हुई थी। परिजनों के पहुंचने के बाद दोनों शवों का शिनाख्त कराया गया। देर रात पोस्टमार्टम के बाद दोनों बच्चियों का शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।