रात के समय घने कोहरे के बीच लाइट जलाकर वीर अब्दुल हमीद सेतु से निकलते वाहन। संवाद
गाजीपुर। सर्दी ने बृहस्पतिवार को इस सीजन का अब तक का सबसे कड़ा प्रहार किया। घने कोहरे और गलन के बीच दिन भर धूप नहीं निकली, जिससे ठिठुरन बनी रही। मौसम विभाग ने 19 और 20 दिसंबर को जिले में रेड जोन के तहत शीत दिवस का अलर्ट जारी किया है। कोहरे के कारण दृश्यता घटकर आधा किमी तक सिमट गई, वहीं हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। उधर, मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।आपदा विभाग के विशेषज्ञ अशोक राय के अनुसार बीते 24 घंटे में अधिकतम तापमान दो डिग्री गिरकर 22 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया। बुधवार की रात भी घना कोहरा छाया रहा, तब दृश्यता 1.0 किमी रही। दिसंबर के तीसरे सप्ताह में ठंड और कोहरे का असर तेजी से बढ़ा है। बुधवार की शाम से ही कोहरा छाने लगा था, जिसका असर बृहस्पतिवार को पूरे दिन दिखाई दिया। सुबह से ही घने कोहरे के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों और वाहन चालकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। हाईवे पर वाहन चालकों को हेड और टेल लाइट जलाकर चलना पड़ा। शहर में भी यातायात की रफ्तार सुस्त रही। दिन भर धूप न निकलने से बुजुर्गों और बच्चों को अधिक दिक्कत हुई। जगह-जगह लोग अलाव तापते नजर आए।
अब स्कूलों का समय सुबह 10 बजे से -लगातार बढ़ रही ठंड और मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए जिलाधिकारी अविनाश कुमार के निर्देश पर बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग ने कक्षा 1 से 12 तक के स्कूलों के समय में बदलाव किया है। अब जिले के सभी सरकारी, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त एवं अन्य बोर्ड से संचालित विद्यालय प्रातः 10 बजे से अपराह्न 3 बजे तक संचालित होंगे।
ठंड बढ़ी तो मरीज भी बढ़े-महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आनंद मिश्रा ने बताया कि गुरुवार को ओपीडी में करीब 3700 मरीज पहुंचे। इनमें हृदय रोग के 65, रक्तचाप के 70 से 80, सर्दी-बुखार के 50 से 60 मरीज शामिल रहे। बुधवार को भी करीब 3500 मरीज ओपीडी में पहुंचे थे। ठंड के बढ़ते असर से सर्दी, खांसी, बुखार और हृदय रोग के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।