इस बार मनरेगा श्रमिकों की होली फीकी रहने वाली है। बीते चार महीने से उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ है। कुल 38.72 लाख रुपये बकाया हैं। उधार लेकर मनरेगा मजदूर घर-गृहस्थी चला रहे हैं।
वर्ष 2024 के नवंबर महीने से मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। श्रमिकों ने कई बार मजदूरी भुगतान की मांग की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। 4 महीने से मनरेगा श्रमिक फांकाकसी के शिकार हो रहे हैं। हर महीने उन्हें केवल आश्वासन मिल रहा है। जनपद में तीन लाख सक्रिय जॉब कार्डधारक हैं। मनरेगा श्रमिकों का कहना है कि जिस तरह चार महीने से उधारी लेकर गृहस्थी का किसी तरह संचालन किया जा रहा है, उसी तरह वह होली पर्व भी मनाएंगे। सबसे अधिक बकाया कासिमाबाद ब्लॉक क्षेत्र में 16.46 लाख रुपये हैं। जबकि भांवरकोल, जखनिया व मुहम्मदाबाद में एक भी मनरेगा श्रमिक का मजदूरी भुगतान लंबित नहीं है। डीसी मनरेगा देवनंदन दूबे ने बताया कि श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान जल्द कर दिया जाएगा।