गाजीपुर। जीएसटी काउंसिल की ओर से जीएसटी के दरों में बदलाव कर दिया गया है। इसकी सराहना समाज का हर वर्ग कर रहा है।
जानकारों का कहना है कि जीएसटी की नई दरों से अधिकांश चीजें सस्ती हो जाएंगी और महंगाई से थोड़ी राहत मिलेगी। लोगों का पैसा बचेगा। गृहणियों का कहना है कि रोजमर्रा की चीजें सस्ती होने से किचन का बजट संभलेगा। जीएसटी की नई दरों के अनुसार पनीर, छेना, दूध, रोटी, पराठा, खाकरा जैसी आम लोगों से जुड़ी खाद्य वस्तुओं, दुर्लभ बीमारियों और कैंसर की दवाओं पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा पॉलिसियों को भी करों से छूट दे दी गई है। वहीं, सीमेंट व वाहनों पर पहले 28 प्रतिशत टैक्स का स्लैब था, जिसको अब 18 प्रतिशत कर दिया गया है। जीएसटी के दरों में बदलाव के निर्णय को गृहणियों, कर अधिवक्ताओं, व्यापारियों व अर्थशास्त्र के जानकारों ने सराहना की है।
जीएसटी के दरों में बदलाव से रोजमर्रा की चीजें सस्ती हो जाएंगी। इससे लोगों के पास अधिक बचत होगी, जिससे खपत को बढ़ावा मिलेगा। - राजेश केशरी, कर अधिवक्ता,गाजीपुर।
घरेलू उपयोग की वस्तुएं अब सस्ती हो जाएंगी। इससे गृहणियों को काफी राहत मिलेगी। रोजमर्रा की चीजें सस्ती होने के कारण किचन का बजट संतुलित करने में मदद मिलेगी। - डॉ. शोभा यादव, गृहिणी,आमघाट
इससे अर्थव्यवस्था को गति एवं मजबूती मिलेगी। कृषि यंत्र, पढ़ाई-लिखाई की वस्तुएं सस्ती हुई हैं। छोटे व्यापारियों के लिए रजिस्ट्रेशन सरल करने का प्रयास किया गया है। - धनंजय तिवारी, सीए, गाजीपुर।
12 व 28 प्रतिशत टैक्स स्लैब को समाप्त कर सरकार ने सरलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इससे छोटे कारोबारियों को राहत होगी। - डॉ. हरेंद्र यादव, अर्थशास्त्री, गाजीपुर।
जीएसटी की दरें कम करने से व्यापारियों को राहत मिलेगी। इससे व्यापारिक गतिविधियों के लिए सकारात्मक माहौल का सृजन होगा। साथ ही आम जनता को भी सहूलियत मिलेगी। - श्रीप्रकाश केशरी, जिलाध्यक्ष, उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, गाजीपुर।