एमएलसी चुनाव को लेकर बृहस्पतिवार को नामवापसी का आखिरी दिन था। जनपद में दिन भर कयासों का दौर जारी रहा। सपा प्रत्याशी भोलानाथ शुक्ल के मैदान छोड़ने के बाद राजनीति के पंडित निर्दल प्रत्याशी मदन यादव को लेकर भी शंका में थे। लेकिन नाम वापसी का आखिरी समय तीन बजे तक मदन यादव राइफल क्लब में नहीं पहुंचे। जिससे एमएलसी चुनाव निर्विरोध के बजाय आमने-सामने का हो गया।
इससे भाजपा खेमे में थोड़ी मायूमी और सपा खेमें में उत्साह देखने को मिला। भाजपा संगठन के लोगों को उम्मीद थी कि मदन यादव भी मैदान छोड़कर भाग खड़े होंगे। जिसके लिए भाजपा की तरफ से एड़ी-चोटी का जोर लगाया जा रहा था। ऐसा होने पर विशाल सिंह चंचल का निर्विरोध एमएसली होना तय था, लेकिन सपा नेताओं और पदाधिकारियों ने भी हर संभव जुगत भिड़ाकर निर्दल प्रत्याशी को अपने खेमे में कर लिया और उसका पर्चा वापस नहीं होने दिया।
जमानिया विधायक ओम प्रकाश सिंह का कहना है कि मदन यादव सपा नेताओं के संपर्क में हैं और पार्टी की ओर से समर्थित उम्मीदवार हैं। जल्द ही वे लोगों के बीच होंगे। उन पर बेवजह पर्चा वापस लेने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। इससे बचने के लिए वे कहीं सुरक्षित ठीकाने पर हैं।
इधर, 24 मार्च को नाम वापसी का दिन बीतने के बाद अब 9 अप्रैल को मतदान और 12 अप्रैल को मतगणना होगी। दो प्रत्याशी होने के कारण उनके सामने मतदाता एक और दो की संख्या लिखकर अपना वोट देगा। इसके लिए 16 ब्लॉकों पर एक-एक मतदान केंद्र बनाए गये हैं। जहां कुल 3132 मतदाता एमएलसी का चुनाव करेंगे।