गाजीपुर। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए समूह की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर ग्राम संगठन स्तर पर तैनात किया जाएगा। इसके तहत जिले के 16 विकास खंडों में स्वयं सहायता समूह की 190 महिलाओं को स्वास्थ्य सखी के तौर पर चयन किया जाना है, जिसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। चयन के बाद चयनित स्वास्थ्य सखियों को प्रशिक्षण देकर काम पर लगाया जाएगा। इसके लिए इन्हें मानदेय भी दिया जाएगा, जिससे वह आत्मनिर्भर बन सकेंगी। स्वास्थ्य सखी के रूप में कार्य करने वाली महिलाएं ग्रामीण परिवारों में खाद्य, पोषण, स्वास्थ्य और स्वच्छता की जानकारी देते हुए उन्हें जागरूक करेंगी। इसमें गर्भवती, धात्री व पांच साल की उम्र के बच्चों का टीकाकरण व परामर्श प्राप्त करवाने के लिए प्रेरित करेंगी। इन्हें ग्राम संगठन की मासिक बैठक में स्वास्थ्य संबंधी हुई गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इसमें स्वास्थ्य विभाग की भी सहायता लेते हुए ग्राम स्तर पर आशा, आंगनबाड़ी व एएनएम की सहभागिता करवाई जाएगी।
महीने में 10 दिन कार्य करना अनिवार्य-स्वास्थ्य सखी बनकर कार्य करने वाली महिलाओं को एक महीने में 10 दिन कार्य करना अनिवार्य होगा। इसके लिए इन्हें 150 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 1500 रुपये संसाधन शुल्क के रूप में दिया जाएगा। इसके अलावा लोगों को जागरूक करने के लिए क्षेत्र में भ्रमण करने का 500 रुपये अतिरिक्त मिलेगा। साथ ही गर्भवती, धात्री व पांच वर्ष तक की उम्र के बच्चों को टीकाकरण करवाने के लिए दो दिन अतिरिक्त कार्य करने पर 200 रुपये अलग से दिए जाएंगे।
ग्राम संगठन स्तर पर तैनाती के लिए 190 महिलाओं का चयन किया जाना है। इसके लिए महिलाओं से आवेदन लेकर उनका साक्षात्कार होगा। इसमें योग्य आवेदन के 10 अंक, साधारण लिखित परीक्षा के 70 अंक व साक्षात्कार के 20 अंक मिलेंगे। सभी ब्लॉक मिशन प्रबंधक को निर्देश दिए गए हैं कि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को योजना से जोड़ा जाए। -विजय यादव, उपायुक्त, एनआरएलएम।