जिले में विश्वविद्यालय स्थापना को लेकर आंदोलित छात्र शनिवार को सरजू पांडेय पार्क में एकत्र हुए, इस दौरान छात्रों ने खून से मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र लिख उसे तहसीलदार सदर को सौंपा। पूर्व उपाध्यक्ष छात्र संघ दीपक उपाध्याय ने बताया कि यहां उच्च शिक्षा का अभाव है, विश्वविद्यालय स्थापना के सभी मानक पूरा करने के बाद भी गाजीपुर जिला विश्वविद्यालय विहीन है। बोले गाजीपुर जिले के बच्चों को भी उच्च शिक्षा ग्रहण करने का पूरा अधिकार है। इसके लिए छात्रों ने खून से लिखा पत्र प्रदेश सरकार को भेजने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय स्थापना को लेकर छात्र कई वर्षों से लगातार पत्रक और धरना के साथ मांग को ट्विटर पर ट्रेंड कराकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया। अब तक कोई ठोस पहल न होने से छात्रों ने विश्वविद्यालय स्थापना की मांग के तरफ सरकार का ध्यान आकर्षित कराने के लिए खून से लिखा पत्र सरकार को भेजा। कहा कि जनपद में 75 फीसदी ग्रामीण हैं। कम आय वर्ग की जनता निवास करती हैं। यहां उच्च शिक्षा का अभाव है, विश्वविद्यालय स्थापना के सभी मानक पूर्ण करने के बावजूद विश्वविद्यालय विहीन है। जिला पंचायत सदस्य गोविंद यादव ने कहा कि छात्र वर्षों से यह मांग उठा रहे हैं, लेकिन सरकार का ध्यान जनपद की तरफ नहीं पड़ रहा है। इस वजह से बाध्य होकर छात्रों ने खून से लिखा पत्र सरकार को भेजा है। महामंत्री प्रवीण विश्वकर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय कि मांग जल्द से जल्द पूर्ण नहीं की जाती है, तो जनसमर्थन से छात्र उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे तथा सभी छात्रों ने एक स्वर में कहा कि सरकार शीघ्र विश्वविद्यालय की मांग पूर्ण नहीं करती हैं तो छात्र अब धरना प्रदर्शन पर बैठने को बाध्य होंगे। इस मौके पर महामंत्री प्रवीण विश्वकर्मा, रघुराज प्रताप सिंह, अभिषेक कुमार गौड़, शैलेश यादव, अमन कश्यप, अरुण कुमार, ओजस्वी साहू, अनिल कुमार, दीपक कुमार, हेमंत श्रीवास्तव, निखिल राज भारती, आकाश विश्वकर्मा, रणविजय प्रताप, मोहन रावत, राजदीप रावत, दीपक यादव, शशांक सिंह, विशाल चौधरी, चमचम चौबे, अवनीश प्रताप सिंह, अभिनव सिंह, सौरभ खरवार, कुश आदि मौजूद रहे।