फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नौ का ही समाधान, पचास लौटे बैरंग

विज्ञापन
विज्ञापन
जिले के सभी थानों में शनिवार को आयोजित समाधान दिवस में 59 प्रार्थना पत्र आए। इनमें मात्र नौ का ही समाधान हुआ। पचास फरियादियों को बैरंग लौटना पड़ा। जंगीपुर, खानपुर, भांवरकोल और नगसर हाल्ट थाने में एक भी फरियादी नहीं पहुंचा। सबसे अधिक भूमि संबंधित मामले आए।
विज्ञापन

कड़ाके की ठंड में सुबह साढ़े नौ बजे फरियादी थानों पर पहुंच गए थे। 10 बजे से सुनवाई शुरू हुई। औड़िहार : कोतवाली परिसर में दस प्रार्थना पत्र आए थे। इसमें एक का भी निस्तारण नहीं हुआ। सभी मामले भूमि संबंधी विवाद से संबंधित थे। लेखपालों को छोड़कर कोई राजस्व विभाग का अधिकारी उपस्थित नहीं था। राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारी जिले पर आयोजित बैठक में भाग लेने गए थे। ऐसे में समाधान दिवस अधिकारी के रूप में नगर पंचायत सैदपुर के अधिशासी अधिकारी आशुतोष त्रिपाठी एवं पुलिस उपनिरीक्षक लक्ष्मण प्रसाद और हैदर अली मौजूद रहे। सुबह 10 बजे उपनिरीक्षक लक्ष्मण प्रसाद पहुंच गए थे। सुबह 10. 15 बजे अधिशासी अधिकारी आशुतोष त्रिपाठी और उसके बाद लेखपाल धीरेंद्र सिंह और अन्य लेखपाल मौके पर पहुंच गए थे।
कोतवाली सैदपुर के शरीफपुर गांव निवासी नंदलाल यादव की जमीन पर पट्टीदारों ने कब्जा कर लिया गया है। क्षेत्रीय लेखपाल के साथ पुलिस टीम उनके मामले का निस्तारण कराने के लिए मौके पर रवाना हुई। साथ ही अधिकारियों ने जल्द निस्तारण का आश्वासन भी दिया।
विज्ञापन

खोजनपुर गांव निवासी रामजन्म कुशवाहा की जमीन और चकरोड के रास्ते पर कब्जा कर लिया गया है। पांच बार समाधान दिवस पर प्रार्थना पत्र देकर हार चुके हैं। ऐसे में फरियादी ने एक बार फिर समाधान दिवस पर प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।
इधर शहर कोतवाली में पांच में एक, करंडा दो में शून्य, सैदपुर में 10 में शून्य, बहरियाबाद दो में शून्य, सादात एक में शून्य, नंदगंज एक में शून्य, शादियाबाद में एक में शून्य और दुल्लहपुर में दो प्रार्थना में दो का निस्तारण हुआ। इसके साथ ही भुड़कुड़ा में एक में शून्य, कासिमाबाद में तीन में दो, मरदह में दो में एक, नोनहरा दो में शून्य, बिरनो पांच में शून्य, मुहम्मदाबाद एक में शून्य, करीमुद्दीनपुर पांच में एक, बरेसर में तीन में शून्य, जमानिया दो में शून्य, सुहवल में दो प्रार्थना पत्र पड़े, जिसमें एक का भी निस्तारण नहीं हुआ। साथ ही दिलदारनगर में छह में दो, गहमर में दो में शून्य और रेवतीपुर एक प्रार्थना पत्र पड़ा, जिसका निस्तारण नहीं हो सका।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें