सुहवल। हमीद सेतु की मरम्मत का काम अब अंतिम चरण में आ गया है। सेतु के जर्जर 22 रोलर बेयरिंग को बदलने के साथ ही 26 ज्चाइंटरों की मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है। अब सेतु पर कंक्रीट का और करीब 300 ड्रेन को दुरुस्त करने का काम होना है। उम्मीद जताई जा रही है कि 25 सितम्बर तक काम पूरा होने के बाद पुल को आम जनता व कामर्शियल वाहनों के लिए खोल दिया जाय।
इस महत्वपूर्ण पुल को तीन महीनों से वाहनों के लिए बंद कर देने के कारण राहगीरों को तमाम तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लोग पैदल पुल पार करने को मजबूर है। चार पहिया और हल्के वाहनों को एक किमी की दूरी तय करने के लिए जमानियां, करंडा होते हुए करीब 25 किमी घूमना पड़ रहा है। जबकि बड़े कामर्शियल वाहन बिहार से चंदौली, सैयदराजा- जमानियां वाराणसी होकर आने-जाने को मजबूर है। इस पुल के चालू होने से जहां लोगों के आवागमन में समय और ईधन की बचत होगी वहीं भाड़ा भी कम होगा। किसानों को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा है। उनकी फसलों में समय से खाद बीज न मिलने से खेती जहां पिछड़ गई, वहीं उनके उत्पाद का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है। सेतु मरम्मत में जुटी कार्यदायी संस्था के इंजीनियर पंकज सिंह ने बताया कि सभी ज्चाइंटरों के मरम्मत का काम पूरा कर लिया गया है। कुछ अन्य काम बचा है जो अगले दस दिनों में पूरा होने की उम्मीद है।