जिले में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं और एनआरएचएम के तहत चल रही योजनाओं की जमीनी हकीकत देखने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम दिल्ली से यहां पहुंची। टीम के दोनों सदस्यों ने शुुक्रवार को छावनी लाइन और रजदेपुर स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली चिकित्सकीय सुविधाओं का बैनर और उपकेंद्र चार्ट नहीं लगने पर नाराजगी जताई। इसके बाद उन्होंने मरदह और सैदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत स्वास्थ्य विभाग की ओर से संचालित कल्याणकारी योजनाओं को लाभ लोगों तक पहुंच रहा है कि सिर्फ कागजी खानापूर्ति की जा रही है। इसकी हकीकत जानने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के आईपी कॉडिनेटर डॉ. सुरेश चंद्र शर्मा और डा .विद्या सागर सुबह 9 बजे छावनी लाइन और रजदेपुर स्वास्थ्य उपकेंद्र पहुंचे। प्रसव कक्ष में उपकरणों के रखरखाव और रोजाना होने वाले प्रसव के बारे में जानकारी हासिल की। उपकेंद्रों पर सुविधाओं की सूची नहीं देखकर नाराजगी जताई और अधिकारियों से बैनर लगाने को कहा।
दल के सदस्यों ने मरदह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने जननी सुरक्षा वार्ड, प्रसव कक्ष की जांच की। वार्ड में भर्ती पांडेयपुर राधे निवासी संगीता राजभर से प्राप्त सुविधाओं की जानकारी ली। प्रतिरक्षण केंद्र, प्रयोगशाला, दवा वितरण केंद्र, ओपीडी, टीकाकरण, वैक्सीन, लेबर रूम की सफाई, एंबुलेंस, जननी सुरक्षा योजना, जन्म पंजीकरण के बारे में जानकारी ली। सफाई ठीक नहीं होने पर कर्मचारियों को फटकार लगाई। सैदपुर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का हाल जानने के बाद टीम दिल्ली रवाना हो गई। इस दौरान एसीएमओ डॉ. राजेश कुमार सिंह, डिप्टी सीएमओ डॉ. आरके सिन्हा, बीपीएम प्रभुनाथ साथ रहे।