शहर के ददरीघाट पर सुरक्षा बोर्ड लगाते नगर पालिका कर्मी। स्रोत- नपा
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गाजीपुर। घाटों पर न बैरिकेडिंग, न चेतावनी बोर्ड एक साल में डूबने से 40 लोगों की मौत शीर्षक से खबर अमर उजाला के 29 मई के अंक में प्रकाशित हुई थी। खबर प्रकाशित होने के बाद नगर पालिका प्रशासन की ओर से शहर के पांच गंगा घाटों पर शनिवार को चेतावनी बोर्ड लगाया गया।
शहर में करीब 34 गंगा घाट हैं। नगर पालिका प्रशासन की ओर से पांच गंगा घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगा दिया गया है, जिस पर खतरा कृपया आगे पानी गहरा है, गहरे पानी में न जाए, अंकित किया गया है। शहर के बड़ा महादेवा, साई मंदिर, कलक्टर घाट, ददरीघाट व पोस्ताघाट पर चेतावनी बोर्ड लगा दिया गया है। नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि जल्द ही शहर के सभी गंगा घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगा दिया जाएगा। इसके साथ ही बैरिकेडिंग भी की जाएगी। वहीं खबर में जिक्र किया गया था कि शहर में 34 से अधिक गंगा घाट हैं, लेकिन किसी भी घाट पर बैरिकेडिंग, संकेतक या गोताखोर की तैनाती नहीं है। जबकि शहर के तीन प्रमुख घाटों पर प्रतिदिन करीब दो हजार लोग गंगा स्नान के लिए पहुंचते हैं। यहां कई लोगों की डूबने से मौत भी हो चुकी है। वहीं नगर पालिका ईओ डीके राय ने बताया कि शहर के पांच गंगा घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगा दिया गया है। जल्द ही सभी गंगा घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाया जाएगा। साथ ही बैरिकेडिंग की भी व्यवस्था की जाएगी।