गहमर। सावन में नाग पंचमी, हरियाली तीज, रक्षाबंधन जैसे त्योहार महिलाओं के लिए खास माने जाते हैं। खुशनुमा मौसम और त्योहारों की आमद से कांच की चूड़ियों का बाजार भी खनक उठा है। खास तौर पर सावन में हरी चूड़ियों की मांग बढ़ गई है।
हरे रंग की प्लेन, कटिंग, डिजाइनर चूड़ी में भी हरे रंग को तवज्जो दी जा रही है। हरी चूड़ियों के साथ पश्चिम बंगाल से आने वाले शंख की कटिंग से बने सफेद कंगन के मैचिंग सेट की डिमांड ज्यादा देखी जा रही है।
सावन में महादेव के अभिषेक के साथ हरे रंग का विशेष महत्व है। हरे रंग की चूड़ियों की डिमांड को देखते हुए कारोबारियों ने स्टॉक मंगा लिया है।
कामाख्या धाम मंदिर के पास चूड़ी और कंगन के कारोबारी महेश चौधरी, जोखन व मुमताज ने बताया कि मंदिर पर आने वाली महिला दर्शनार्थियों की सर्वाधिक संख्या चूड़ियों की दुकानों पर दिखती है। यहां से सिंपल चूड़ी 40 रुपये डिब्बा तो डिजाइन वाली 100 रुपये डिब्बे तक उपलब्ध है। प्लेन सिंपल चूड़ी का डिब्बा 30 रुपये के हिसाब से बिक रहा है।
डिब्बे में 24 चूड़ी रहती है। इसकी बिक्री हर रोज 70 से 80 डिब्बों के करीब पहुंच जा रही है। कटिंग वाली चूड़ी 40 रुपये डिब्बा है। हरे व धानी रंग की चूड़ी की डिमांड अधिक है, जिसे देखकर फिरोजाबाद से आने वाली खेप में हरी चूड़ी अधिक मंगाई जा रही है। नवविवाहिताओं के लिए परिवार के लोग हरी डिजाइन वाली चूड़ियों का सेट पश्चिम बंगाल से आए शंख से बने कंगन के साथ अधिक पसंद कर रहे हैं।