गाजीपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र के कोठवा बुजुर्गा निवासी दृष्टिहीन रामनगीना यादव हत्याकांड की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि उसकी अपने बड़े भाई से नहीं बनती थी। अपने हिस्से की जमीन वह बेचना चाहता था लेकिन जमीन पर कब्जा किए उसके भाई ऐसा नहीं होने देना चाहते थे।
इसे लेकर एक सप्ताह पहले विवाद भी हुआ था। दृष्टिहीन राम नगीना अपनी मां के साथ किराये के कमरे में रहते थे। मां की मौत के बाद खाने-पीने में दिक्कत होने लगी तो गांव स्थित आटा चक्की संचालक पिंटू कश्यप के यहां रहने लगे, जो वारदात के समय राम नगीना की आवाज सुनकर बाहर निकले थी। पिंटू कश्यप के मुताबिक शोर मचाते हुए उन्होंने हमलावरों को कुछ दूरी तक पीछा भी किया लेकिन हत्यारे फरार हो गए। बताया जा रहा है कि रामनगीना ने अपने हिस्से की पांच मंडा जमीन एक वर्ष पूर्व बेच दी थी।
बची हुई लगभग डेढ़ बीघा जमीन बड़े भाई वकील यादव के कब्जे में है। अपने हिस्से की जमीन खाली करने को लेकर नगीना यादव का एक सप्ताह पहले भाई के साथ विवाद हुआ था।