पिछले चार दिनों से चल रही सर्द हवा और कड़ाके की ठंड से जनजीवन बेहाल है। ऐसे में घने कोहरे की चादर ने मुसीबत और बढ़ा दी है। इसका प्रभाव हर जगह दिखाई दे रहा है। घने कोहरे के कारण शनिवार को सड़क पर वाहन रेंगते हुए नजर आए। लोग सुबह-शाम अलाव जलाकर ठंड से बचने का प्रयास करते रहे। जनपद का न्यूनतम पारा 11 और अधिकतम 23 डिग्री सेल्सियस रहा।
पहाड़ों में बर्फबारी का असर पूर्वांचल में भी दिखाई दे रहा है। सर्द हवा बहने से गलन और कड़ाके की सर्दी दिसंबर के पहले हफ्ते से पड़ने लगी है। हाड़ कंपाने वाली ठंड ने लोगों की दिनचर्या पर बुरा प्रभाव डाला है। शनिवार को भोर में कोहरा काफी जबरदस्त रहा। सबसे अधिक असर रेल और सड़क यातायात पर पड़ रहा है। तड़के यह हाल रहा कि सड़क पर चार-पांच फीट की दूरी पर भी कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। दोपहिया एवं चार पहिया वाहन चालकों ने फाग लाइट जलाकर तो धीरे-धीरे यात्रा करना ही मुनासिब समझा। ट्रक एवं अन्य वाहन चालकों ने रात में होटल, ढाबों पर रुक कर सूरज निकलने के बाद सफर की शुरूआत की। कोहरे और ठंड से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई। दोपहर में सूरज निकलने के बाद लोगों ने कुछ राहत की सांस ली। शाम के समय फिर से कोहरे और ठंड ने असर दिखना शुरू कर दिया। सर्दी का असर स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। कई अभिभावकों ने अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा।