हथियाराम मठ में अपने जन्मदिन पर शिष्यों को संबोधित करते मठ के महंथ भवानी नंदन यति। संवाद
जखनिया। भगवान राम विष्णु के साक्षात अवतार थे। उन्हें भी ज्ञान के लिए गुरु के पास जाना पड़ा। भगवान कृष्ण भी ज्ञान पाने के लिए अपने गुरु संदीपन के आश्रम गए। वहां उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई। बिना गुरु के ज्ञान मिलना संभव नहीं है। यह बातें सिद्ध पीठ हथियाराम मठ के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर महंथ भवानी नंदन यति महाराज के जन्मोत्सव कार्यक्रम में रविवार को अहमदाबाद विश्वविद्यालय के कुलपति आरएस दूबे ने कहीं।
उन्होंने कहा कि भारत एक आध्यात्मिक देश रहा है। हमारे देश में धर्म की रक्षा ऋषियों ने किया है। धर्म करने से हमारा लोक व परलोक दोनों की रक्षा होती है। गुरु का महत्व भगवान से भी ऊपर माना गया है। गुरु साक्षात ब्रह्म है। वह आध्यात्मिक चेतना जगाकर सही राह पर चलने की राह दिखाता है। पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर महंथ भवानी नंदन यति ने कहा कि 29 वर्षों से सिद्धपीठ के लिए संघर्ष करता चला आ रहा हूं। आगे भी संघर्ष बाकी है। मठ की कठोर परंपरा का निर्वहन करते हुए 29 वर्ष का समय बीत गया। मैं प्रार्थना करता हूं कि अगला जन्म मेरा इसी सिद्धपीठ के लिए हो। मठ राष्ट्र की संपत्ति है।इस मौके पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अनिल सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, डीएम अविनाश कुमार, एसपी डॉ. ईरज राजा, बलिया एसपी ओमवीर सिंह, वाराणसी के वरुणा जोन के डीसीपी प्रमोद कुमार, जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर परेशानंद, कृष्ण प्रिया, आदि मौजूद रहे।